<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>sanmarg</title><link>https://sanmarg.in</link><description>Sanmarg is a leading news and media organization based in Kolkata, India.   Founded in 1953, Sanmarg has a rich history of providing reliable and unbiased news coverage. </description><atom:link href="https://sanmarg.in/stories.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><language>hi-in</language><lastBuildDate>Wed, 14 Oct 2026 21:00:21 +0000</lastBuildDate><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><item><title>अभिषेक बनर्जी से शेक्सपियर सरणी थाने में पांच घंटे तक पूछताछ</title><link>https://sanmarg.in/kolkata_city/police-interrogate-abhishek-banerjee-for-5-hours</link><comments>https://sanmarg.in/kolkata_city/police-interrogate-abhishek-banerjee-for-5-hours#comments</comments><guid isPermaLink="false">a521fec7-590c-4f26-acc2-b2d83d8b7bee</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 20:06:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T20:06:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Deepak Mishra</atom:name><atom:uri>/api/author/2415677</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="384" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/buywrtvt/abhishek.jpeg" width="798"><media:title type="html"><![CDATA[ फाइल फोटो]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/buywrtvt/abhishek.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>कोलकाता सिटी</category><content:encoded><![CDATA[  <p><strong>सन्मार्ग संवाददाता</strong></p><p><strong>कोलकाता :</strong> तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी से बुधवार को शेक्सपियर सरणी थाने में लगभग पांच घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई। यह पूछताछ गत 27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट में एक बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए विवाद और उसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं तथा नगर निगम एवं कोलकाता पुलिस के कर्मियों के बीच हुई झड़प के सिलसिले में की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी बुधवार की सुबह करीब 11:30 बजे थाने पहुंचे और शाम को बाहर निकले। थाने से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी जांच से कभी नहीं भागे हैं। उन्होंने कहा, "जब भी मुझे बुलाया गया, चाहे वह कोलकाता पुलिस हो, सीआईडी, पश्चिम बंगाल पुलिस का कोई अन्य विभाग हो, ईडी या सीबीआई, मैं कभी भागा नहीं। मैं गया, पूरा सहयोग किया, उन्होंने मुझसे सवाल पूछे और मैंने उनके जवाब दिए।" नगर निगम के कर्मियों और पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "पूरी घटना फेसबुक पर लाइव प्रसारित की गई थी। केवल शिकायत दर्ज करा देना काफी नहीं है। अगर मैं कोई शिकायत दर्ज कराता हूं, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके खिलाफ मैं कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा।"<br><br><br></p>]]></content:encoded></item><item><title>नदियाल में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़</title><link>https://sanmarg.in/kolkata_city/illegal-arms-factory-busted-at-nadial</link><comments>https://sanmarg.in/kolkata_city/illegal-arms-factory-busted-at-nadial#comments</comments><guid isPermaLink="false">63693990-da18-48bf-aca5-c48197fb134d</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:26:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T19:26:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Deepak Mishra</atom:name><atom:uri>/api/author/2415677</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="720" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e0m5nhdx/arms.jpeg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ नदियाल में अवैध हथियार कारखाने से बरामद हथियार]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e0m5nhdx/arms.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>कोलकाता सिटी</category><content:encoded><![CDATA[  <p><strong>कोलकाता :</strong> नदियाल थाना क्षेत्र के अयूबनगर में पुलिस ने एक घर के अंदर चल रहे अवैध हथियार कारखाने का भंडाफोड़ किया है। राज्य पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही मकान मालिक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिस पर अवैध फैक्ट्री चलाने का आरोप है। एसटीएफ की इस छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। बरामद सामानों में दो 7 एमएम की बंदूकें, दो देसी पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीमें विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। नदियाल थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।</p><p>जांच अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि आरोपी पिछले कितने दिनों से इस घर में अवैध हथियार बना रहा था, उसे इस काम के लिए कहां से ऑर्डर मिलते थे और हथियारों के निर्माण के लिए कच्चा माल व उपकरण कहां से खरीदे जाते थे? पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद इस पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।<br><br><br></p>]]></content:encoded></item><item><title>एक महीने में 1.11 करोड़ सफाचट! कोलकाता पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठग फैजल</title><link>https://sanmarg.in/kolkata_city/cybercrok-arrested-by-kolkata-police</link><comments>https://sanmarg.in/kolkata_city/cybercrok-arrested-by-kolkata-police#comments</comments><guid isPermaLink="false">5a9e6652-d520-48ac-a172-ff332eddfeba</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:12:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T19:12:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Deepak Mishra</atom:name><atom:uri>/api/author/2415677</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="630" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/or29fd49/cyber-fraud.jpg" width="1200"><media:title type="html"><![CDATA[ फाइल फोटो]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/or29fd49/cyber-fraud.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>कोलकाता सिटी</category><content:encoded><![CDATA[  <p><strong>सोशल मीडिया एक्टिविटी से विष्णुपुर के अपार्टमेंट में पकड़ा गया शातिर ठग</strong></p> <p><strong>कोलकाता : </strong>कोलकाता में एक निजी बैंक की एटीएम से महज एक महीने के भीतर 1.11 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम थाने की टीम ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल फैजल अली को विष्णुपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 70 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। गिरफ्तार आरोपी को बुधवार को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया।</p><p><strong>जून में सामने आया था 1.11 करोड़ रुपये की ठगी का मामला</strong></p><p>पुलिस के मुताबिक, इस साल जून में एटीएम के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि लालबाजार के पास आर.एन. मुखर्जी रोड स्थित एक निजी बैंक की एटीएम से 1.11 करोड़ रुपये निकाले गए थे। इस रकम की हेराफेरी के लिए 70 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस का कहना है कि इन खातों में जमा रकम साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी थी।</p><p><strong>शोएब जूनियर से पूछताछ में मिला फैजल का सुराग</strong></p><p>इस मामले की जांच के दौरान बालीगंज थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शोएब जूनियर नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में साइबर क्राइम थाने की हिरासत में उससे पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को फैजल अली के बारे में अहम जानकारी मिली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि बेहला निवासी फैजल ठगी में शामिल लोगों को एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्ड की व्यवस्था कैसे की जाती थी और धोखाधड़ी से निकाली गई रकम किन लोगों तक पहुंची।</p><p><strong>फेसबुक की लोकेशन से फैजल तक पहुंची पुलिस</strong></p><p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, शोएब जूनियर की गिरफ्तारी के बाद फैजल ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। हालांकि, कुछ दिन पहले उसके फेसबुक का इस्तेमाल करने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने विष्णुपुर स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस फैजल के भाई शेख हमजा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब दोनों की भूमिका और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।</p><p><strong>एनसीआरपी पोर्टल से मिले थे संदिग्ध हॉटस्पॉट के संकेत</strong></p><p>जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के जरिए साइबर ठगी की रकम निकाले जाने से जुड़े हॉटस्पॉट की पहचान की गई थी। पुलिस इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आर.एन. मुखर्जी रोड स्थित एटीएम तक पहुंची। मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के चेहरे स्पष्ट रूप से नजर नहीं आए। बताया गया है कि वे बुर्का या हेलमेट पहनकर एटीएम के भीतर दाखिल हुए थे।</p><p><strong>पुलिस खंगाल रही है ठगी की रकम का पूरा नेटवर्क</strong></p><p>अदालत ने आरोपी फैजल अली को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर ठगी की रकम के लेन-देन, एटीएम कार्ड की आपूर्ति और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ से साइबर धोखाधड़ी के इस मामले की अन्य कड़ियों का भी खुलासा हो सकता है।<br><br><br></p>]]></content:encoded></item><item><title>संदेशखाली में पूर्व विधायक की कार की चपेट में आने से दो की मौत!</title><link>https://sanmarg.in/top-news/sandeshkhali-former-mla-car-accident-two-dead</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/sandeshkhali-former-mla-car-accident-two-dead#comments</comments><guid isPermaLink="false">b9da6e85-b549-4411-ac5a-1b1cdf5dabf2</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#Sandeshkhali #Accident #WestBengal</media:keywords><media:content height="1200" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/cnk5j3e4/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80.jpeg" width="1600"><media:title type="html"><![CDATA[ तालाब में गिरी कार को निकालती पुलिस ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Sandeshkhali Accident: Former MLA Sukumar Mahato Car Crash Kills 2]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/cnk5j3e4/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता</strong></p><p><strong>बशीरहाट :</strong> संदेशखाली के पूर्व तृणमूल विधायक सुकुमार महतो की कार की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई है। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग घायल हो गए हैं। बुधवार की शाम यह घटना बासंती रोड के बोयारबाड़ी इलाके में घटी। मिली जानकारी के अनुसार पूर्व तृणमूल विधायक की स्कॉर्पियो ने एक टोटो को टक्कर मार दी और इसके बाद वह सड़क के किनारे एक तालाब में जा गिरी। इस दुर्घटना में टोटो ड्राइवर नजीबुर रहमान (47) और महिला यात्री महिमा बीबी (50) की मौके पर ही मौत हो गयी। दोनों मृतक दक्षिण 24 परगना के भांगड़ के रहने वाले हैं। वहीं नजीबुर की पत्नी महमुदा बीबी (40) और बेटी मुमताज खातून (14) का मिनांखा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें कोलकाता के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। </p><p><strong>दुर्घटना के समय वाहन में मौजूद नहीं थे पूर्व विधायक</strong></p><p>मालूम हो कि दुर्घटना के समय पूर्व तृणमूल विधायक सुकुमार महतो कार में मौजूद नहीं थे। उनका ड्राइवर जब गाड़ी लेकर जा रहा था, तब यह हादसा हुआ। सुकुमार महतो की स्कॉर्पियो कार संदेशखाली की ओर से मलंच की तरफ जा रही थी, जबकि मलंच से एक टोटो सवारियों को लेकर संदेशखाली की तरफ आ रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सुकुमार महतो की कार ने नियंत्रण खो दिया और टोटो को सामने से टक्कर मार दी। आरोप है कि दुर्घटना के बाद कार का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर नैजाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही संदेशखाली के भाजपा विधायक सनत सरदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने दुर्घटना में जान गंवाने वालों और घायलों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और पूर्व तृणमूल विधायक से भी ऐसा ही करने की अपील की है। बाद में नैजाट थाने की पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को तालाब से बाहर निकाला। हालांकि, पुलिस का मानना है कि गाड़ी के भीतर ड्राइवर के अलावा और कोई अन्य सवार नहीं था।</p>]]></content:encoded></item><item><title>कोलकाता में बनेगा जादू और प्रदर्शन कला का उत्कृष्टता केंद्र</title><link>https://sanmarg.in/top-news/kolkata-school-of-magic-and-performing-arts</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/kolkata-school-of-magic-and-performing-arts#comments</comments><guid isPermaLink="false">7aa0ec5e-7acd-4835-a62f-de9b7fe87aec</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#Kolkata #MagicCity,#WestBengal #PerformingArts,#CulturalNews</media:keywords><media:content height="675" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/jldnlj4r/Nabanna-1.jpg" width="1200"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Kolkata Magic City: West Bengal School of Magic and Performing Arts]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/jldnlj4r/Nabanna-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[  <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता</strong></p><p><strong>कोलकाता :</strong> पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में जादू और प्रदर्शन कला की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और उसे बढ़ावा देने के लिए ‘वेस्ट बंगाल स्कूल ऑफ मैजिक, इल्यूजन एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स’ स्थापित करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित संस्थान जादू, मायावी कला और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां कलाकारों के प्रशिक्षण के साथ-साथ इस कला से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की व्यवस्था भी होगी।</p><p><strong>अकादमी से संग्रहालय तक की होगी व्यवस्था</strong></p><p>प्रस्तावित संस्थान में एक समर्पित अकादमी, प्रदर्शन स्थल, राष्ट्रीय संग्रहालय, अभिलेखागार और तकनीकी प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के पहले चरण में राज्य सलाहकार समिति के गठन का प्रस्ताव है। सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था के माध्यम से इसका संचालन किया जाएगा। समिति में संस्कृति निदेशालय के साथ उच्च शिक्षा, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव है। इसके अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हो सकते हैं। जादू की दुनिया से जुड़े प्रतिष्ठित सरकार परिवार की जयश्री सरकार और मानेका सरकार सहित जादूगर तन्मय अधिकारी, शैलेश्वर मुखर्जी, पंकज सरकार, श्यामल कुमार और अनिंद्य किशोर को भी समिति में नामांकित करने का प्रस्ताव है।</p><p><strong>36 महीने में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य</strong></p><p>परियोजना को लागू करने के लिए 36 महीने की अवधि निर्धारित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, इसका कार्यान्वयन भूमि की उपलब्धता और आवश्यक वैधानिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा। संस्थान में नए कलाकारों को पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही रंगमंच, फिल्म, सेट डिजाइन, प्रकाश व्यवस्था और मंचीय सामग्री के निर्माण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। परियोजना के लिए राज्य सरकार के बजटीय सहयोग के अलावा केंद्रीय योजनाओं, कंपनियों के सामाजिक दायित्व (सीएसआर), प्रायोजन और प्रदर्शन व संग्रहालय टिकटों से होने वाली आय के जरिए धन जुटाने की योजना है। दीर्घकालिक उद्देश्य कोलकाता को जादू और मायावी कला के प्रमुख केंद्र यानी ‘मैजिक सिटी’ के रूप में विकसित करना है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दुर्गा पूजा का 50 हजार रुपये चंदा मांगने पर मारपीट का आरोप, क्लब अध्यक्ष गिरफ्तार</title><link>https://sanmarg.in/top-news/ashoknagar-durga-puja-extortion-club-president-arrested</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/ashoknagar-durga-puja-extortion-club-president-arrested#comments</comments><guid isPermaLink="false">91658853-8968-45bb-8e9b-74ff9e598f18</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#westbengal,#Ashoknagar #CrimeNews</media:keywords><media:content height="754" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e47px92z/arrest-logo.jpg" width="1296"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Ashoknagar Extortion Case: Durga Puja Club President Arrested]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e47px92z/arrest-logo.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता </strong></p><p><strong>बारासात :</strong>  पश्चिम बंगाल के अशोकनगर में दुर्गा पूजा का 50 हजार रुपये चंदा मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप में सुहृद संघ क्लब की पूजा समिति अध्यक्ष बाबली भद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना अशोकनगर के विजया फार्मेसी इलाके की है। पीड़ित सरिता चट्टोपाध्याय के परिवार का आरोप है कि नया घर बनाने के बाद क्लब के सदस्यों ने उनसे 50 हजार रुपये के चंदे की मांग की थी और उन्हें क्लब में आकर मिलने को कहा था। जब वे नहीं गए, तो बाबली भद्र और गोविंद दास नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने सरिता और उनके पति दीपेंदु आचार्य के साथ गाली-गलौज की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।</p><h2>विरोध करने पर मारपीट, बच्चा हुआ घायल</h2><p>जब दीपेंदु ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई और मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। इस छीना-झपटी और धक्का-मुक्की में उनका दो साल का मासूम बच्चा भी नीचे गिर गया, जिसके बाद बुखार आने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शनिवार को पीड़िता ने अशोकनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाबली भद्र के खिलाफ चंदा वसूली को लेकर एक और मामला दर्ज है। बुधवार दोपहर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने पर जज ने उसे 12 दिनों की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बारासात में &apos;सेवा सेतु&apos; शिविर में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप, महिला गिरफ्तार</title><link>https://sanmarg.in/top-news/barasat-seba-setu-camp-vandalism-arrest</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/barasat-seba-setu-camp-vandalism-arrest#comments</comments><guid isPermaLink="false">371dd03e-27c1-4942-904d-25d92cc312d3</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#CrimeNews,#Barasat #WestBengal</media:keywords><media:content height="380" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/jqfvhcyl/file-a.jpg" width="550"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Barasat Seba Setu Camp Vandalism: Another Woman Arrested]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/jqfvhcyl/file-a.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता </strong></p><p><strong>बारासात :</strong>  पश्चिम बंगाल के बारासात के दत्तपुकुर थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। अन्नपूर्णा योजना में कथित रूप से वंचित किए जाने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान 'सेवा सेतु अभियान' शिविर में तोड़फोड़ करने और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री की तस्वीरें जलाए जाने के मामले में पुलिस ने एक और महिला को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार की गई महिला की पहचान रीमा बीबी के रूप में हुई है, जो जयपुल की रहने वाली हैं। पुलिस ने बुधवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे इस पूरे मामले की जांच को और गति मिल गई है।</p><h2>पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारियां, पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज</h2><p>ज्ञात हो कि यह घटना बीते 2 अक्टूबर को बारासात नंबर 1 ब्लॉक कार्यालय में 'सेवा सेतु अभियान' शिविर के दौरान हुई थी। उस समय कुछ महिलाओं ने योजनाओं का लाभ न मिलने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों वाले फ्लेक्स-बैनर को फाड़ दिया, उसमें आग लगा दी और तस्वीरों पर लात मारने के साथ-साथ सरकारी शिविर में भारी तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न वीडियो फुटेज और तस्वीरों की जांच करके आरोपियों की पहचान शुरू की थी। इस मामले में पुलिस पहले ही एक अन्य महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार कर चुकी है, और अब तीसरी गिरफ्तारी के बाद मामले की कड़ाई से जांच जारी है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>कल्याणी के एक सेलून से मिला युवक का शव, इलाके में सनसनी</title><link>https://sanmarg.in/top-news/kalyani-saloon-owner-mysterious-death-nadia</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/kalyani-saloon-owner-mysterious-death-nadia#comments</comments><guid isPermaLink="false">6c8cce55-008f-4013-bd6b-d9a9c6f98931</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#Kalyani #Nadia #WestBengalNews</media:keywords><media:content height="183" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/qele9wqy/body.jfif" width="276"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Kalyani Youth Body Found: Saloon Owner Amit Shil Dead in Nadia]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/qele9wqy/body.jfif?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता </strong></p><p><strong>नदिया :</strong>  पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कल्याणी इलाके में तृतीया के दिन एक बेहद सनसनीखेज और दहला देने वाली घटना सामने आई है। गयেশপুর (गयেশপুর) नगरपालिका के वार्ड नंबर 9 के सातारापाड़ा बाजार क्षेत्र में स्थित एक सेलून से पुलिस ने 35 वर्षीय युवक का सड़ता हुआ शव बरामद किया है। मृतक की पहचान अमित शील के रूप में हुई है, जो बाजार इलाके में किराए पर दुकान लेकर यह सेलून चलाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले चार दिनों से वह सेलून बंद था और अमित को आसपास कहीं देखा भी नहीं गया था। पिछले दो दिनों से दुकान के अंदर से तेज और असहनीय दुर्गंध आ रही थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने इसकी सूचना तुरंत कल्याणी थाने की पुलिस को दी।</p><h2>पुलिस ने ताला तोड़कर निकाला शव, हत्या या आत्महत्या पर उलझी गुत्थी</h2><p>सूचना मिलते ही कल्याणी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दुकान का शटर व ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस ने अंदर जो दृश्य देखा, उससे सभी के रोंगटे खड़े हो गए। अमित शील का शव गले में फंदे से लटका हुआ था और वह लगभग खड़ा हुआ प्रतीत हो रहा था। इसके अलावा, उनका चेहरा काले प्लास्टिक से ढका हुआ था और दुकान के अंदर तौलिया व लूंगी से एक घेरा भी बनाया गया था। शव में पहले ही काफी सड़न आ चुकी थी। स्थानीय सूत्रों से यह भी पता चला है कि अमित ने करीब एक साल पहले प्रशांत डे नामक व्यक्ति से यह दुकान किराए पर ली थी। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने में जुट गई है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे किसी की सोची-समझी साजिश यानी हत्या है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>अशोकनगर के माइक्रो आर्टिस्ट ने बादाम पर उकेरी अद्भुत दुर्गा प्रतिमा, कलाकारी देख दंग रह गए लोग</title><link>https://sanmarg.in/top-news/micro-artist-creates-durga-idol-on-almond-west-bengal</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/micro-artist-creates-durga-idol-on-almond-west-bengal#comments</comments><guid isPermaLink="false">cf07090e-8364-4328-b851-f9711272856c</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#westbengal,#durgapuja</media:keywords><media:content height="488" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/2gyvwkra/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpeg" width="868"><media:title type="html"><![CDATA[ बादाम पर बनायी गयी मां दुर्गा की प्रतिमा]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Almond Durga Idol: West Bengal Micro Artist Creates Miniature Masterpiece]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/2gyvwkra/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता </strong></p><p><strong>बारासात :</strong>  पश्चिम बंगाल के अशोकनगर के जाने-माने सूक्ष्म कलाकार (माइक्रो आर्टिस्ट) वासुदेव पाल ने अपनी असाधारण कला का परिचय देते हुए एक बादाम के छोटे से टुकड़े पर बेहद खूबसूरत और मनमोहक दुर्गा प्रतिमा बनाई है। इस सूक्ष्म कलाकृति में मां दुर्गा के साथ-साथ सिंह और महिषासुर के स्वरूप को भी बहुत ही बारीकी से उकेरा गया है। इस अनोखी कला के निर्माण की शुरुआत उन्होंने बादाम को पानी में भिगोकर और उसे बेहद सावधानी से आधा काटकर की। कटे हुए हिस्से को कुछ दिनों तक सुखाने के बाद उन्होंने रंगों और बारीक तुलिका (ब्रश) की मदद से इस लघु कैनवास पर देवी के मुख और शरीर के गठन को आकार देना शुरू किया।</p><h2>सावधानी भरा हुनर और पहले भी बना चुके हैं अनोखे रिकॉर्ड</h2><p>छोटे से बादाम पर चित्रकारी करना और उसे जीवंत करना किसी चुनौती से कम नहीं था। जरा सा भी हाथ फिसलने या ब्रश का गलत इस्तेमाल होने से उनकी पूरी मेहनत खराब हो सकती थी, इसलिए वासुदेव को हर एक बारीक रेखा खींचते समय अत्यधिक सतर्कता बरतनी पड़ी। रंगों के सही संतुलन ने इस छोटी सी रचना में जान फूंक दी है। दुर्गा पूजा के ठीक पहले उनकी यह अनूठी कलाकृति हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। आपको बता दें कि इससे पहले वासुदेव मात्र 50 ग्राम दूध की सतह पर मां दुर्गा की तस्वीर बनाकर सभी को हैरान कर चुके हैं, और अब बादाम पर यह नई कृति उनकी अद्वितीय कला-दक्षता का एक और शानदार उदाहरण है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>भाटपाड़ा में कई घर जलकर राख</title><link>https://sanmarg.in/top-news/bhatpara-fire-accident-kutchery-road-houses-burnt</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/bhatpara-fire-accident-kutchery-road-houses-burnt#comments</comments><guid isPermaLink="false">531d189a-f473-43db-8e08-706668df3582</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#FireAccident,#Bhatpara #WestBengal</media:keywords><media:content height="1280" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9j4oi3am/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F.jpeg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Bhatpara Fire Accident: Five Houses Gutted in Kutchery Road Blaze]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9j4oi3am/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता</strong></p><p><strong>भाटपाड़ा : </strong>भाटपाड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 9 में आग लगने से पांच परिवारों पर संकट आ गया। बुधवार को तड़के कचहरी रोड की 7 नंबर गली स्थित एक मकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और मकान के पांच कमरे जलकर राख हो गये। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग का एक इंजन घटनास्थल पर पहुंचा। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।</p><p><strong>विधायक ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन</strong></p><p>इस घटना में प्रभावित परिवारों का घरेलू सामान भी आग की चपेट में आ गया। पीड़ित परिवारों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद चल रहा था। परिवारों ने आशंका जताई कि उन्हें मकान से हटाने के उद्देश्य से आग लगाई गई हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना की जानकारी मिलने पर भाटपाड़ा के विधायक पवन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>मनीष शुक्ला हत्याकांड: बैरकपुर कोर्ट परिसर में गवाह को धमकाने और हमला करने का आरोप</title><link>https://sanmarg.in/top-news/manish-shukla-murder-case-witness-threatened-barrackpore</link><comments>https://sanmarg.in/top-news/manish-shukla-murder-case-witness-threatened-barrackpore#comments</comments><guid isPermaLink="false">21deacdd-425d-4f62-9e26-40a6029ca6d3</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:29:00 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:29:00.000Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Nidhi Gupta</atom:name><atom:uri>/api/author/2201158</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords>#CrimeNews,#BarrackporeCourt #WestBengal</media:keywords><media:content height="312" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/h8l5wsvj/alligation.JPG" width="591"><media:title type="html"><![CDATA[ सांकेतिक फोटो ]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ Manish Shukla Murder Case: Witness Threatened Inside Barrackpore Court]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/h8l5wsvj/alligation.JPG?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>टॉप न्यूज़</category><category>कोलकाता सिटी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>निधि, सन्मार्ग संवाददाता </strong></p><p><strong>बैरकपुर :</strong> बैरकपुर कोर्ट में चल रहे टीटागढ़ नगरपालिका के पूर्व पार्षद मनीष शुक्ला हत्याकांड की सुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। दिवंगत पार्षद के पिता चंद्रमणि शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उनकी ओर से गवाही देने आए गवाह दीपू सिंह को कोर्ट परिसर में ही अभियुक्तों के समर्थकों द्वारा धमकाया गया और उन पर हमला किया गया। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए भारी तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस ने स्थिति पर तुरंत काबू पाते हुए तत्परता दिखाई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। चंद्रमणि शुक्ला ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इसलिए अदालत परिसर में सुरक्षा और निगरानी को और अधिक सख्त किए जाने की सख्त जरूरत है ताकि गवाह सुरक्षित महसूस कर सकें।</p>]]></content:encoded></item><item><title>निरज थापा दार्जिलिंग जिला विद्यालय बोर्ड की तदर्थ समिति के अध्यक्ष नियुक्त</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/niraj-thapa-darjeeling-jila-vidyalaya-board-ki-tadarth-samiti-ke-adhyaksh-niyukt</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/niraj-thapa-darjeeling-jila-vidyalaya-board-ki-tadarth-samiti-ke-adhyaksh-niyukt#comments</comments><guid isPermaLink="false">3ed486f7-9086-41e1-b074-e5b24290783e</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:23:23 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:23:23.192Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="960" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/13xw9h6t/13kom14131020261-1.jpg" width="830"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/13xw9h6t/13kom14131020261-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>मिरिक: डबल एसएससी, डब्ल्यूबी टेट और डब्ल्यूबी सेट उत्तीर्ण तथा सहायक शिक्षक निरज थापा को दार्जिलिंग जिला विद्यालय बोर्ड की तदर्थ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को जिले में विद्यालय शिक्षा के प्रशासन और प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p><p>तदर्थ समिति के अध्यक्ष के रूप में थापा से जिले की विद्यालय शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों के प्रबंधन, समिति के कार्यों के प्रभावी संचालन तथा शैक्षणिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।</p><p>उनकी नियुक्ति से जिले के विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ विद्यालय शिक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>केबी छेत्री गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर बैठक</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/kebi-chettri-gold-cup-hockey-tournament-ki-taiyariyon-ko-lekar-baithak</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/kebi-chettri-gold-cup-hockey-tournament-ki-taiyariyon-ko-lekar-baithak#comments</comments><guid isPermaLink="false">677c3670-8069-4513-9426-436568c5ab9c</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:21:48 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:21:48.569Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="900" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wjsp594m/13kom21131020261-1.jpg" width="1600"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wjsp594m/13kom21131020261-1.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>कालिम्पोंग: दूसरे ग्रैंड एडिशन लेट केबी छेत्री हॉकी गोल्ड कप टूर्नामेंट के आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को भरत छेत्री हॉकी एकेडमी, 16 माइल, अपर पैगांग में बैठक आयोजित की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष भरत छेत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन सचिव नवीन थापा मंगर ने किया।</p><p>बैठक में आयोजन समिति के सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस दौरान चार दिवसीय टूर्नामेंट की तैयारियों, प्रबंधन और आयोजन को सफल बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।</p><p>टूर्नामेंट 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता से क्षेत्र में हॉकी को बढ़ावा मिलेगा, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा और युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>ओम प्रकाश माथुर बने केरल के राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने दी बधाई</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/om-prakash-mathur-bane-keral-ke-rajyapal-mukhyamantri-ne-di-badhai</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/om-prakash-mathur-bane-keral-ke-rajyapal-mukhyamantri-ne-di-badhai#comments</comments><guid isPermaLink="false">9790d481-ccb2-46a0-9404-b2a53f71c53a</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:20:03 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:20:03.989Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="4160" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/sxe0ri6u/13kom175131020261.jpg" width="3634"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/sxe0ri6u/13kom175131020261.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>गंगटोक : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने आज नई दिल्ली में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान राज्य और यहां के लोगों के कल्याण एवं प्रगति के लिए दिए गए मार्गदर्शन और योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।</p><p>मुख्यमंत्री तामांग ने ओम प्रकाश माथुर को केरल के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद भविष्य की कामना भी की।</p><p>वहीं, राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने सिक्किम में अपने कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार और जनता से मिले स्नेह, सम्मान एवं सहयोग के लिए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग तथा सिक्किमवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>लाचुंग में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, कई एजेंसियों की तैयारियों का लिया जायजा</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/lachung-mein-aapda-prabandhan-ki-mock-drill-kai-agencies-ki-taiyariyon-ka-liya-jayza</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/lachung-mein-aapda-prabandhan-ki-mock-drill-kai-agencies-ki-taiyariyon-ka-liya-jayza#comments</comments><guid isPermaLink="false">7259f3e0-7bf8-4247-b153-96291cc2e1db</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:18:42 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:18:42.168Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="1200" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9lat4uus/13kom68131020261.jpg" width="1600"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9lat4uus/13kom68131020261.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>लाचुंग : आपदा के दौरान विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से सोमवार को लाचुंग स्थित होटल यशश्री में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका संचालन चुंगथांग के उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) अरुण छेत्री की निगरानी में किया गया।</p><p>मॉक ड्रिल में चुंगथांग के एसडीपीओ चंदन छेत्री, 327 फील्ड अस्पताल के कमांडिंग ऑफिसर अब्राहम लालछाना सहित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, लाचुंग पुलिस थाना तथा चुंगथांग उपमंडल की आपदा प्रबंधन टीम के कर्मियों ने भाग लिया।</p><p>अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्यांकन करना तथा आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं से संबंधित टीमों को परिचित कराना था। इसके माध्यम से बचाव, निकासी और आपातकालीन राहत अभियानों को संचालित करने के लिए संबंधित एजेंसियों की तैयारियों का भी आकलन किया गया।</p><p>मॉक ड्रिल में विशेष रूप से आपदा के दौरान समय पर कार्रवाई, प्रभावी समन्वय और पूर्व तैयारियों के महत्व पर जोर दिया गया। लाचुंग जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में इस प्रकार के अभ्यास को जनजीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।यह जानकारी चुंगथांग उपमंडलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दुष्यंत गौतम सिक्किम के नये राज्यपाल नियुक्त</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/dushyant-gautam-sikkim-ke-naye-rajyapal-niyukt</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/dushyant-gautam-sikkim-ke-naye-rajyapal-niyukt#comments</comments><guid isPermaLink="false">1a5be113-bd41-496e-8c0d-e7834d993945</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:17:23 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:17:23.815Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="2048" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wk1oeirc/13kom47131020261.jpg" width="1936"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wk1oeirc/13kom47131020261.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>गंगटोक : के नये राज्यपाल भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को नियुक्त किया गया है। जब कि वर्तमान राज्यपाल ओम प्रकाश माथूर को केरल के राज्यपाल बनाया गया है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने आज नई दिल्ली में दुष्यंत गौतम से मुलाकात कर उन्हें सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता और सरकार की ओर से दुष्यंत गौतम का स्वागत करते हुए उनके नए दायित्व के सफल निर्वहन की कामना की।</p><p>मुलाकात के दौरान दोनों के बीच सिक्किम में पर्यटन, कृषि तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि दुष्यंत गौतम ने राज्य के निरंतर विकास और प्रगति के लिए अपना सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रतिबद्धता व्यक्त की।मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने कहा कि वह राज्यपाल के मार्गदर्शन और सहयोग से सिक्किम को अधिक समृद्ध, प्रगतिशील और जीवंत राज्य बनाने के सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उल्लेखनीय है कि दुष्यंत गौतम को कल सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>त्रिबेणी राई की फिल्म ‘ए क्रॉनिकल ऑफ माइनर थिंग्स’ ने जीते एपीएम बुसान और सोरफोंड पुरस्कार, नॉर्वे का मिला निमंत्रण</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/tribeni-rai-ki-film-a-chronicle-of-minor-things-ne-jeete-apm-busan-aur-sorfond-puraskar-norway-ka-mila-nimantran</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/tribeni-rai-ki-film-a-chronicle-of-minor-things-ne-jeete-apm-busan-aur-sorfond-puraskar-norway-ka-mila-nimantran#comments</comments><guid isPermaLink="false">f411420f-8845-43d7-b326-d44033236a8c</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:15:33 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:15:33.998Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="1600" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/6x3r7be1/13kom61131020261.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/6x3r7be1/13kom61131020261.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>गंगटोक : फिल्मकार त्रिबेणी राई की आगामी फीचर फिल्म ‘ए क्रॉनिकल ऑफ माइनर थिंग्स’ ने दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन प्रोजेक्ट मार्केट (एपीएम) में एपीएम बुसान पुरस्कार और सोरफोंड पुरस्कार जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही त्रिबेणी राई को सोरफोंड पुरस्कार के तहत नॉर्वे आमंत्रित किया गया है, जिससे उनके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और फिल्म निर्माण के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।</p><p>यह परियोजना बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के साथ आयोजित एशियन प्रोजेक्ट मार्केट में 48 देशों से प्राप्त रिकॉर्ड 604 प्रविष्टियों में से चुनी गई। राई और निर्माता किसले ने इस मंच पर अपनी फिल्म परियोजना प्रस्तुत की, जो अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं, निवेशकों, बिक्री प्रतिनिधियों और सह-निर्माण साझेदारों को जोड़ने वाले एशिया के प्रमुख मंचों में से एक है।</p><p>दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित होना राई की दूसरी फीचर फिल्म के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे परियोजना के लिए अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण और वित्तपोषण की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है। फिल्म फिलहाल विकास के शुरुआती चरण में है।</p><p>इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए त्रिबेणी राई ने कहा कि परियोजना का विकास अभी शुरू ही हुआ है और ये पुरस्कार उन्हें यह विश्वास दिलाते हैं कि वे सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इस सम्मान के लिए खुशी व्यक्त करते हुए आभार जताया।</p><p>एशियन प्रोजेक्ट मार्केट फिल्मकारों को अंतरराष्ट्रीय फिल्म उद्योग के समक्ष अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत करने, सहयोग के अवसर तलाशने और वित्तपोषण की संभावनाएं विकसित करने का मंच प्रदान करता है। एपीएम बुसान पुरस्कार इस मंच पर प्रस्तुत संभावनाशील फिल्म परियोजनाओं को सम्मानित करता है, जबकि सोरफोंड पुरस्कार नॉर्वे में सहयोग और निर्माण के अवसरों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजनाओं को समर्थन देता है।</p><p>त्रिबेणी राई की यह उपलब्धि सिक्किम और व्यापक हिमालयी क्षेत्र के फिल्म जगत के लिए भी उत्साहजनक है, क्योंकि इससे क्षेत्र की फिल्म निर्माण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की संभावनाएं मजबूत होती हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जल संसाधन संबंधी संसदीय स्थायी समिति की पहली बैठक में शामिल हुए सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा</title><link>https://sanmarg.in/siliguri/jal-sansadhan-sambandhi-sansadiya-sthayi-samiti-ki-pehli-baithak-mein-shamil-hue-sansad-dr-indra-hang-subba</link><comments>https://sanmarg.in/siliguri/jal-sansadhan-sambandhi-sansadiya-sthayi-samiti-ki-pehli-baithak-mein-shamil-hue-sansad-dr-indra-hang-subba#comments</comments><guid isPermaLink="false">40a9b35e-37b9-4345-b1f1-c160760230ab</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:13:47 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T18:13:47.656Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Abhijit Dey</atom:name><atom:uri>/api/author/2588853</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="960" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/5qgvdtfw/13kom49131020261.jpg" width="1280"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/5qgvdtfw/13kom49131020261.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>सिलीगुड़ी</category><category>बंगाल</category><content:encoded><![CDATA[ <p>गंगटोक : सिक्किम के लोकसभा सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा ने वर्ष 2026–27 के लिए जल संसाधन संबंधी संसदीय स्थायी समिति की पहली बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा सांसद एवं समिति के अध्यक्ष राजीव प्रताप रूडी ने की।</p><p>बैठक के बाद डॉ. सुब्बा ने कहा कि वह आगामी बैठकों में समिति के एजेंडे पर होने वाली सार्थक और रचनात्मक चर्चाओं को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा कि वह सिक्किम सहित व्यापक हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख जल संबंधी समस्याओं को समिति के समक्ष उठाएंगे।</p><p>डॉ. सुब्बा के अनुसार, इन मुद्दों में पेयजल की उपलब्धता, प्राकृतिक जलस्रोतों और झरनों का पुनर्जीवन, हिमनद झील विस्फोट से उत्पन्न बाढ़ (जीएलओएफ), बाढ़ प्रबंधन तथा जल संसाधनों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव शामिल हैं।</p><p>उन्होंने सिक्किम और हिमालयी क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक एवं पारिस्थितिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए टिकाऊ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सक्षम उपायों की वकालत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</p><p>डॉ. सुब्बा ने कहा कि वह समिति की आगामी बैठकों में सिक्किम और व्यापक हिमालयी क्षेत्र से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे।</p>]]></content:encoded></item><item><title>जामनगर : जहां रिफाइन होती है दुनिया की एनर्जी</title><link>https://sanmarg.in/business/jamnagar-where-gujarat-refines-the-worlds-energy-and-builds-its-future</link><comments>https://sanmarg.in/business/jamnagar-where-gujarat-refines-the-worlds-energy-and-builds-its-future#comments</comments><guid isPermaLink="false">24774d02-8691-4a92-8849-b3b9895b44d8</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:52:25 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:52:25.201Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Rajesh Nain</atom:name><atom:uri>/api/author/2201152</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ जामनगर : जहां रिफाइन होती है दुनिया की एनर्जी]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="680" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/blcpxoms/Jamnagar-Refinary-Mukesh-Ambani.jpg" width="1173"><media:title type="html"><![CDATA[ नवयुग गुजरात ना शिल्पी मुकेश अंबानी ने जामनगर को बनाया दुनिया का एनर्जी रिफाइनिंग हब]]></media:title><media:description type="html"><![CDATA[ भविष्य की ऊर्जा का हब भी बन रहा जामनगर]]></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/blcpxoms/Jamnagar-Refinary-Mukesh-Ambani.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>बिजनेस</category><content:encoded><![CDATA[ <h5>तीन पीढ़ियां, एक सपना : भाग-2</h5><p>धीरूभाई अंबानी ने आम बचतकर्ताओं को शेयर बाजार के माध्यम से उद्योगों की प्रगति में भागीदार बनाया, वहीं उनके बेटे मुकेश अंबानी ने विरासत में मिली इस सोच को आगे बढ़ाया और रिलायंस को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया।आज एक भारतीय परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी पर नजर डालें तो कपड़ों से लेकर खरीदारी, मनोरंजन, मोबाइल और इंटरनेट तक अनेक क्षेत्रों में रिलायंस की मौजूदगी दिखाई देती है। एक ही पीढ़ी में रिलायंस ने भारतीयों के जीवन के कई पहलुओं में अपनी जगह बनाई है।रिलायंस की शुरुआत नरोदा की कपड़ा मिल से हुई थी। इसने कंपनी को भारतीय घरों तक पहुंचाया। मुकेश अंबानी ने इस जुड़ाव को और व्यापक बनाया। रिलायंस रिटेल के माध्यम से बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी संगठित खरीदारी का विस्तार हुआ। इसके बाद मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में कंपनी की पहुंच बढ़ी। फिर दूरसंचार के क्षेत्र में कदम रखते हुए रिलायंस लोगों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गई।इस तरह कंपनी का सफर कपड़ों के लिए धागा बनाने से आगे बढ़कर लोगों की खरीदारी, मनोरंजन और आपसी संपर्क तक पहुंच गया।</p><h2>विरासत को संभालने से आगे, उसे कई गुना बड़ा बनाने की चुनौती</h2><p>किसी बड़े उद्योग को खड़ा करना कठिन काम है। लेकिन पहले से स्थापित विशाल कारोबार की जिम्मेदारी संभालकर उसे और बड़ा बनाना भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।वर्ष 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के समय रिलायंस देश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक समूहों में शामिल हो चुका था। बहुत से लोगों को उम्मीद थी कि मुकेश अंबानी अपने पिता की बनाई कंपनी को संभालेंगे और उसकी उपलब्धियों को आगे बढ़ाएंगे। लेकिन मुकेश अंबानी ने इससे भी बड़ा लक्ष्य तय किया।उन्होंने अपने पिता की उस सोच को आगे बढ़ाया, जिसमें बड़े सपने देखने, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पहले से निवेश करने और पूरे उद्योग की दिशा बदलने का साहस शामिल था। नए कारोबार में उतरने के मामले में भी उन्होंने धीरूभाई अंबानी के रास्ते को अपनाया। ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना, जिनमें भविष्य में बड़ी संभावनाएं हों, बड़े स्तर पर निवेश करना, पुरानी धारणाओं को चुनौती देना और नए बाजार तैयार करना इस रणनीति के प्रमुख हिस्से रहे। यही सोच रिलायंस के विस्तार की आधारशिला बनी।</p><h2>जामनगर : भारत की औद्योगिक क्षमता का वैश्विक प्रतीक</h2><p>मुकेश अंबानी की इस महत्वाकांक्षा को समझने के लिए गुजरात के सौराष्ट्र तट पर स्थित जामनगर को देखना जरूरी है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में जामनगर दुनिया के सबसे बड़े एकल-स्थल तेल शोधन परिसरों में विकसित हुआ। यहां भारतीय इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षमता ने वैश्विक स्तर पर अपनी ताकत दिखाई। इस परिसर में कच्चे तेल को उपयोगी पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने का काम होता है, जिनकी जरूरत दुनिया के अनेक बाजारों को पड़ती है।जामनगर केवल गुजरात का एक औद्योगिक केंद्र बनकर नहीं रह गया। इसने राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया, रोजगार के अवसर पैदा किए और स्थानीय लोगों के लिए नए कौशल सीखने की संभावनाएं खोलीं। इसके साथ ही यहां आपूर्तिकर्ताओं और विभिन्न सेवाएं देने वाली कंपनियों का एक व्यापक तंत्र विकसित हुआ। इस औद्योगिक विस्तार ने गुजरात को दुनिया के ऊर्जा मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। लेकिन रिलायंस की जामनगर यात्रा केवल पारंपरिक ऊर्जा तक सीमित नहीं है। इसी क्षेत्र में आज धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया जा रहा है, जो भविष्य की ऊर्जा के क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश का प्रतीक है।इस बदलाव का महत्व इसलिए भी है कि ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर नई क्षमताएं विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। एक ओर जामनगर पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की औद्योगिक शक्ति का उदाहरण है, तो दूसरी ओर ग्रीन एनर्जी कॉम्प्लेक्स भविष्य की ऊर्जा के प्रति रिलायंस की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।</p><h2>आम निवेशकों के साथ रिश्ता आज भी कायम</h2><p>रिलायंस के विस्तार और बदलावों के बीच धीरूभाई अंबानी की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा लगातार बना रहा- आम निवेशकों के साथ कंपनी का जुड़ाव। वर्ष 2006 में रिलायंस पेट्रोलियम ने एक बड़े सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से पूंजी बाजार में प्रवेश किया। इससे रिलायंस के एक और बड़े कारोबार में आम निवेशकों की भागीदारी का अवसर मिला। वर्ष 2009 में रिलायंस पेट्रोलियम का रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय हो गया।जिन परिवारों ने वर्ष 1977 से रिलायंस की यात्रा को देखा था और कंपनी के साथ निवेशक के रूप में जुड़े थे, उनके लिए यह उस लंबे रिश्ते का एक और अध्याय था। धीरूभाई अंबानी ने देश के मध्यम वर्ग को यह भरोसा दिया था कि वह भी बड़े औद्योगिक विकास का हिस्सेदार बन सकता है। शेयरों के माध्यम से आम लोगों को उद्योगों की प्रगति में भाग लेने का अवसर देना उनकी सोच का महत्वपूर्ण पहलू था।मुकेश अंबानी ने इसी औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने दिखाया कि भारतीय उद्यम किस तरह बड़े पैमाने पर कारोबार खड़ा कर सकते हैं और दुनिया के बाजारों में अपनी जगह बना सकते हैं।इसीलिए मुकेश अंबानी को ‘नवयुग गुजरात ना शिल्पी’, यानी नए युग के गुजरात का शिल्पकार, कहना उचित है।</p><h2>यह केवल एक परिवार की उपलब्धि नहीं</h2><p>जामनगर की कहानी को केवल अंबानी परिवार या रिलायंस की सफलता के रूप में देखना इसकी पूरी तस्वीर नहीं होगी। इस औद्योगिक परिसर के निर्माण और संचालन में गुजरात की जमीन, उसका समुद्री तट, वहां के श्रमिक और स्थानीय समुदायों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।यह विकास उन लोगों की मेहनत और भागीदारी से जुड़ा है, जिन्होंने इस औद्योगिक व्यवस्था को खड़ा करने और चलाने में योगदान दिया। इसके साथ ही यह उस भरोसे और साझेदारी को भी दर्शाता है, जो रिलायंस की यात्रा में अलग-अलग पीढ़ियों के साथ आगे बढ़ी है।वर्ष 1977 में कंपनी के शेयरधारकों के रूप में शुरू हुआ जुड़ाव समय के साथ व्यापक हुआ। आज रिलायंस की वैश्विक पहुंच के पीछे उन समुदायों और लोगों की भूमिका भी है, जिन्होंने इस यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। गुजरात इस कहानी का केवल दर्शक नहीं रहा, बल्कि इसकी यात्रा का सक्रिय भागीदार रहा है। जामनगर की औद्योगिक पहचान से लेकर भविष्य की ऊर्जा की योजनाओं तक, राज्य की भूमिका इस सफर में लगातार बनी हुई है।अब जब रिलायंस अपने अगले चरण की ओर बढ़ रहा है, गुजरात एक बार फिर इस कहानी में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लेकिन इस कहानी का सबसे नाटकीय अध्याय अभी बाकी था। उसकी शुरुआत किसी बोर्डरूम में नहीं, बल्कि अंबानी परिवार की अपनी भोजन की मेज पर हुई बातचीत से होने वाली थी।</p><h5>अगली कड़ी में : <em><ins>एक बेटी की शिकायत, एक बेटे की दूरदृष्टि और परिवार के भीतर हुई वह बातचीत, जिसने भारत को जोड़ने वाली एक नई कहानी की शुरुआत की</ins></em></h5>]]></content:encoded></item><item><title> असम के मोरीगांव में गिरफ्तार युवक के पास से 51 सिम कार्ड जब्त</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-51-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A4</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-51-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A4#comments</comments><guid isPermaLink="false">6a741db2-6c51-4ab5-b76d-be1906906604</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:36:23 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:36:23.717Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ सेकंड लीड ः असम के मोरीगांव में गिरफ्तार युवक के पास से 51 सिम कार्ड जब्त]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="553" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/3f3us04p/%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/3f3us04p/%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ मोरीगांव: असम के मोरीगांव जिले में मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 31 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 51 सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी के खिलाफ किस मामले में कार्रवाई की गई है और बरामद सिम कार्ड व मोबाइल फोन का इस्तेमाल कथित तौर पर किस उद्देश्य से किया जा रहा था।  आरोपी की पहचान मोहम्मद अब्दुल राशिद के रूप में हुई है। वह मोहम्मद आकाश अली का पुत्र है और असम के नगांव जिले में बटाद्रवा थाना क्षेत्र के अमलखी गांव का निवासी बताया गया है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस की एक टीम मामले की जांच के सिलसिले में असम पहुंची थी। इसके बाद टीम ने मोरीगांव जिले के लाहोरीघाट थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया। यह कार्रवाई लाहोरीघाट थाना क्षेत्र के ढिंगाराटी इलाके में की गई। बताया गया है कि पुलिस ने आरोपी को उसके ससुर के घर से गिरफ्तार किया।  कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 51 सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए। इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद होने के बाद मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक बरामद उपकरणों के संभावित इस्तेमाल, आरोपी की कथित भूमिका और मामले की प्रकृति के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।  पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान और आगे की जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी के पास से बरामद सिम कार्ड और मोबाइल फोन किस उद्देश्य से रखे गए थे तथा इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता है या नहीं।]]></content:encoded></item><item><title>असम के दूरदराज इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारेगा आधुनिक बुनियादी ढांचा</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%A7%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A2%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%A7%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A2%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE#comments</comments><guid isPermaLink="false">ae7efabc-9299-4b9e-959c-f9e9836f65b4</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:34:39 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:34:39.994Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ एनकर ः असम के दूरदराज इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारेगा आधुनिक बुनियादी ढांचा]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="400" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/2b21wotv/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE.jpg" width="600"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/2b21wotv/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>गुवाहाटी : </h2>असम सरकार राज्य में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को डिब्रूगढ़ जिले के नाहरकटिया में बहु-खेल परिसर (मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) का उद्घाटन करते हुए कहा कि आधुनिक खेल सुविधाएं जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े शहरों तक खेल सुविधाओं को सीमित रखना नहीं है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी आधुनिक खेल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, उन्हें उचित प्रशिक्षण देने और भविष्य के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।<h2>युवा खिलाड़ियों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर</h2>सरमा ने उम्मीद जताई कि नाहरकटिया में शुरू किया गया नया बहु-खेल परिसर क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाओं से उभरते खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने और खेल के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नया खेल परिसर युवाओं को अपने खेल संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अन्य प्रतियोगिताओं में असम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है।<h2>दूरदराज के क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर</h2>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता न करना पड़े। आधुनिक खेल सुविधाओं को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने से अधिक युवाओं को खेलों से जुड़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेल परिसरों के विकास से स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा। नाहरकटिया में बहु-खेल परिसर का उद्घाटन असम में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और असम को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।]]></content:encoded></item><item><title>मेघालय के प्राकृतिक आश्चर्यों ने नॉर्वेजियन दूत को किया मंत्रमुग्ध</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A7</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A7#comments</comments><guid isPermaLink="false">40e4704c-187e-487d-8c61-f9fa18793b09</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:33:05 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:33:05.354Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मेघालय के प्राकृतिक आश्चर्यों ने नॉर्वेजियन दूत को किया मंत्रमुग्ध]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="607" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/g7o0yjtx/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%A4.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/g7o0yjtx/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%A4.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ मेघालय : भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने हाल ही में अपने परिवार के साथ मेघालय की खोज में एक यादगार सप्ताहांत बिताया, और सोशल मीडिया पर राज्य के लुभावने परिदृश्यों और प्राकृतिक चमत्कारों पर प्रकाश डाला। राजदूत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी यात्रा की झलकियां साझा कीं, जिसमें कहा गया कि राज्य के झरने, गुफाएं और हरे-भरे परिदृश्य  &quot;भारत की उल्लेखनीय विविधता और समृद्धि &quot; को दर्शाते हैं। शिलांग से बाहर रहने के दौरान, स्टेनर परिवार राज्य के प्रसिद्ध इको-पर्यटन हॉटस्पॉट का अनुभव करने के लिए सोहरा (चेरापूंजी) गया।  राजदूत ने वेई सॉडोंग फॉल्स का एक मनोरम वीडियो पोस्ट किया, जो एक शानदार तीन-स्तरीय झरना है जो अपने पन्ना-नीले पूल के लिए जाना जाता है। झरने के लिए खड़ी चढ़ाई पर चढ़ते हुए, उन्होंने उस स्थान के प्राचीन संरक्षण के लिए प्रशंसा व्यक्त की, जो क्षेत्रीय पर्यटन के लिए एक मुकुट रत्न बना हुआ है। परिवार ने ऐतिहासिक अरवाह गुफा की भी खोज की, जो एक चूना पत्थर का चमत्कार है जो अपनी जटिल स्टैलेक्टाइट संरचनाओं और प्रागैतिहासिक समुद्री जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध है। स्टेनर ने स्थानीय आतिथ्य और संरक्षण प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा,  &quot;मेघालय के प्राकृतिक खजाने वास्तव में मंत्रमुग्ध कर देने वाले हैं। &quot; राज्य के अधिकारियों ने हाई-प्रोफाइल समर्थन का स्वागत किया, यह देखते हुए कि राजदूत के वायरल पोस्ट पूर्वोत्तर भारत में अंतर्राष्ट्रीय रुचि को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हैं। यह यात्रा टिकाऊ साहसिक और प्रकृति पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में मेघालय की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को रेखांकित करती है।]]></content:encoded></item><item><title>नागांव के सांसद देवाशीष शर्मा ने कैंसर की रिपोर्टिंग और रोगी सहायता पर दिया जोर</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B7-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B7-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0#comments</comments><guid isPermaLink="false">41ecc931-eeb0-49bc-af83-e65921310c7e</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:31:40 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:31:40.919Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ नागांव के सांसद देवाशीष शर्मा ने कैंसर की रिपोर्टिंग और रोगी सहायता पर दिया जोर]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="500" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/09ixkm4p/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B7-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg" width="900"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/09ixkm4p/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B7-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>गुवाहाटी :</h2> नगांव निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद देवाशीष शर्मा ने आज कहा कि वह कैंसर को एक उल्लेखनीय बीमारी घोषित करने पर विचार करेंगे।  शर्मा ने कहा कि यदि कैंसर को एक उल्लेखनीय बीमारी घोषित किया जाता है, तो डॉक्टरों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं आदि को कानून द्वारा सभी कैंसर मामलों की रिपोर्ट नामित सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को करने के लिए मजबूर किया जाएगा। शर्मा ने कहा, इस तरह के कदम से सरकार इस बीमारी का जल्द पता लगाने के उपाय कर सकेगी और लोगों में जागरूकता पैदा कर सकेगी। शर्मा ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आर्थिक रूप से अक्षम लोगों के लिए कैंसर के इलाज के लिए गेम चेंजर है। उन्होंने कहा कि योजना के दायरे में पीईटी स्कैन और अन्य परीक्षणों जैसे उपचार पूर्व परीक्षणों को शामिल करने की संभावना तलाशने के लिए आर्थिक रूप से अक्षम लोग कार्ड के जरिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पहले, गरीब लोगों के लिए कैंसर का इलाज कराना बहुत मुश्किल था, लेकिन आयुष्मान कार्ड के साथ, वे अब इलाज का खर्च उठा सकते हैं। शर्मा ने आश्वासन दिया कि एक सांसद के रूप में, वह मध्यम वर्ग के लोगों को कुछ राहत प्रदान करने की संभावना तलाशना चाहेंगे, जो कैंसर के खिलाफ लड़ाई में किसी भी वित्तीय सहायता से वंचित हैं। दशकों से कैंसर देखभाल में अपने अनुभव से, शर्मा ने कहा कि मध्यम वर्ग, जिसमें 31 से 40 प्रतिशत भारतीय नागरिक शामिल हैं (यह इस पर निर्भर करता है कि कोई मध्यम वर्ग को कैसे परिभाषित करता है) और इस वर्ग के लोगों को अक्सर कैंसर के खिलाफ लड़ाई में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उन्हें सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलती है। उन्होंने कहा,  \&quot;अगर मध्यम वर्ग को कुछ वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके तो यह बहुत मददगार होगी। \&quot; इस बीच, चुनाव जीतने के बाद, शर्मा उन क्षेत्रों का फिर से दौरा कर रहे हैं जहां उन्होंने चुनावी लड़ाई में उनका समर्थन करने के लिए मतदाताओं को धन्यवाद देने के लिए अभियान चलाया था।]]></content:encoded></item><item><title>बाढ़ राहत सूची सार्वजनिक करने से असम सरकार का इनकार</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A2%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A2%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0#comments</comments><guid isPermaLink="false">8552ca39-8348-4019-833e-4611e2220c29</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:30:13 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:30:13.125Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ लीड ः बाढ़ राहत सूची सार्वजनिक करने से असम सरकार का इनकार]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="400" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e8u3k0l2/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95.jpg" width="600"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/e8u3k0l2/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>बातचीत बेनतीजा</h2><h2>रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने लगाया आरोप </h2><h2>गुवाहाटी : </h2>असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर राज्य सरकार और विपक्षी दल रायजोर दल के बीच बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया है। रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित करीब 57 हजार परिवारों की सूची सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सूची को अंतिम मानकर आगे बढ़ने से कई वास्तविक प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित रह सकते हैं। गोगोई ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार के साथ उनकी बातचीत शुरू हुई थी। हालांकि, राहत पाने के पात्र परिवारों की पहचान और सूची को सार्वजनिक करने के सवाल पर सहमति नहीं बन सकी है।<h2>57 हजार परिवारों की सूची पर विवाद</h2>रायजोर दल के अनुसार, सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण कर लगभग 57 हजार परिवारों की सूची तैयार की है। गोगोई की मांग है कि इस सूची को सार्वजनिक किया जाए, ताकि प्रभावित परिवार यह पता लगा सकें कि उनका नाम इसमें शामिल है या नहीं। उन्होंने मांग की है कि सूची जारी होने के बाद सात से दस दिनों तक आपत्ति और आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था की जाए। जिन वास्तविक प्रभावित परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा पेश करने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे परिवारों के घरों और संपत्ति को हुए नुकसान का दोबारा सर्वेक्षण भी कराया जाना चाहिए। गोगोई का तर्क है कि सूची को बिना पुनर्विचार के अंतिम घोषित करने से कई पात्र परिवारों को सहायता नहीं मिल पाएगी। वहीं, गलत तरीके से कुछ अपात्र परिवारों के सूची में शामिल होने की आशंका भी बनी रह सकती है। इसलिए उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और शिकायतों के निपटारे के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है।<h2>मुख्यमंत्री से बातचीत में भी नहीं बनी सहमति</h2>रिपोर्ट के अनुसार, आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री केशव महंत और अखिल गोगोई के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान प्रभावित परिवारों को सहायता देने से संबंधित मांगों पर चर्चा की गई। मंत्री ने इन मांगों को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के समक्ष भी रखा। गोगोई के मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ भी विभिन्न मांगों पर बातचीत हुई, जिसमें कुछ प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जबकि कुछ मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर रहा कि क्या सरकार प्रभावित परिवारों की सूची सार्वजनिक करेगी और क्या छूट गए परिवारों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। रायजोर दल का आरोप है कि सरकार सूची को अंतिम मानकर केंद्र के समक्ष प्रस्तुत करना चाहती है। पार्टी का कहना है कि सूची में नाम नहीं होने के कारण किसी वास्तविक बाढ़ पीड़ित को मुआवजे से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, इस विवाद पर राज्य सरकार का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।<h2>मुआवजे की राशि बढ़ाने की भी मांग</h2>अखिल गोगोई ने गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा, प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को 15 हजार रुपये की एकमुश्त अंतरिम सहायता और शिवसागर तथा चराइदेव जिलों के प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त 10 हजार रुपये देने की मांग भी उठाई गई है। रायजोर दल ने बाढ़ की वजहों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि राहत वितरण के साथ-साथ बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान और उसके कारणों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।<h2>सत्याग्रह जारी, आंदोलन की आगे की रणनीति पर नजर</h2>सरकार के साथ बातचीत शुरू होने के बाद रायजोर दल और उससे जुड़े संगठनों ने अपने सड़क प्रदर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। हालांकि, गोगोई ने अपना अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रखा है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक प्रभावित परिवारों को सहायता मिलने की गारंटी नहीं मिलती और सूची से छूटे लोगों के लिए उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक विवाद का समाधान नहीं माना जा सकता। अब निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर हैं। यदि सूची सार्वजनिक करने और पुनः सर्वेक्षण की मांग पर सहमति नहीं बनती है, तो बाढ़ राहत का मुद्दा असम में राजनीतिक टकराव का विषय बना रह सकता है।]]></content:encoded></item><item><title>गुवाहाटी में सार्वजनिक परिवहन सुधार पर 31 अक्टूबर को होगा संवाद</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-31-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-31-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6#comments</comments><guid isPermaLink="false">0e52f5c9-e484-4898-acec-061e94a10f58</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:28:30 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:28:30.895Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ गुवाहाटी में सार्वजनिक परिवहन सुधार पर 31 अक्टूबर को होगा संवाद]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="541" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/8gi0evdt/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg" width="961"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/8gi0evdt/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2> गुवाहाटी : </h2>असम की राजधानी गुवाहाटी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ, समावेशी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से 31 अक्टूबर को ‘पूर्वका संवाद 2026’ का आयोजन किया जाएगा। गुवाहाटी स्थित पूर्वका फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शहर की बस परिवहन व्यवस्था की चुनौतियों, यातायात संबंधी समस्याओं और शहरी विकास के लिए बेहतर परिवहन विकल्पों पर चर्चा होगी। इस कार्यक्रम का आयोजन डिघलीपुखुरी स्थित असम राज्य संग्रहालय परिसर के कनकलाल बरुआ ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस वर्ष संवाद का विषय है, ‘मूविंग गुवाहाटी: रीइमैजिनिंग पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ एंड अर्बन रेजिलिएंस’। इसके तहत शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को समावेशी विकास और शहरी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।<h2>एक साल के अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट होगी जारी</h2>कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गुवाहाटी की बस आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (बीबीपीटी) पर तैयार शोध रिपोर्ट का विमोचन होगा। यह रिपोर्ट विभिन्न हितधारकों की भागीदारी से किए गए एक साल के अध्ययन पर आधारित है। इसमें शहर की बस परिवहन व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है। शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों के बीच यह अध्ययन नीति-निर्माताओं तथा संबंधित पक्षों को बेहतर परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है। इसका उद्देश्य परिवहन संबंधी निर्णयों में वास्तविक अनुभवों और शोध आधारित तथ्यों को महत्व देना है।<h2>नीति-निर्माताओं से नागरिकों तक होगी भागीदारी</h2>पूर्वका संवाद में नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, परिवहन विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में पैनल चर्चाओं, विशेष संवाद सत्रों, अनौपचारिक परिचर्चाओं और रचनात्मक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सार्वजनिक परिवहन को आम लोगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने, यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुलभ करने तथा शहर की परिवहन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य नागरिकों के अनुभवों को शहरी परिवहन नीतियों के निर्माण से जोड़ना भी है।<h2>पिछले वर्ष महिलाओं के अनुभवों पर था फोकस</h2>पूर्वका संवाद का पहला संस्करण वर्ष 2025 में आयोजित किया गया था। उसमें सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के दौरान महिलाओं के अनुभवों और उनकी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस बार चर्चा का दायरा बढ़ाते हुए गुवाहाटी की बस आधारित परिवहन व्यवस्था और शहरी आवागमन से जुड़ी व्यापक चुनौतियों को शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी बनाने के लिए अलग-अलग सामाजिक समूहों की जरूरतों और अनुभवों को समझना जरूरी है। इससे ऐसी व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है, जिसमें अधिक से अधिक लोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।<h2>फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी आयोजित</h2>कार्यक्रम के तहत पूर्वका फाउंडेशन ने ‘गुवाहाटी की सार्वजनिक सिटी बसों में दैनिक जीवन’ विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी आयोजित की है। इसमें प्रतिभागियों को शहर की बसों में रोजमर्रा की जिंदगी और यात्रियों के अनुभवों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रतियोगिता में चयनित तस्वीरों को 31 अक्टूबर को आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रदर्शित किया जाएगा। विजेता तस्वीर को आगामी शोध रिपोर्ट के कवर पर भी जगह दी जाएगी। प्रतियोगिता के लिए तस्वीरें जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर निर्धारित की गई है।<h2>कई संस्थाओं का सहयोग</h2>पूर्वका संवाद 2026 को शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन, नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड, असम क्लाइमेट चेंज मैनेजमेंट सोसाइटी, इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन और जर्मन विकास सहयोग संस्था जीआईजेड सहित कई संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है। इस आयोजन के माध्यम से गुवाहाटी में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर शहर की भविष्य की परिवहन जरूरतों पर चर्चा करने और अधिक टिकाऊ शहरी विकास के रास्ते तलाशने का प्रयास किया जाएगा।]]></content:encoded></item><item><title>सियांग घाटी में सुरक्षा बलों की तैनाती को कम करने और एफआईआर वापस लेने को सहमत हुए खांडू</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%AB%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%86%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%A4-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%82</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%AB%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%86%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%A4-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%82#comments</comments><guid isPermaLink="false">03361ae4-3246-4fc2-89a6-2194da5bcf32</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:26:58 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:26:58.433Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ सियांग घाटी में सुरक्षा बलों की तैनाती को कम करने और एफआईआर वापस लेने को सहमत हुए खांडू]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="900" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/3tkq6xki/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/3tkq6xki/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ ईटानगर : मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) पर बातचीत की सुविधा के लिए विश्वास-निर्माण उपायों के रूप में सियांग घाटी में सुरक्षा बलों की तैनाती को कम करने और एफआईआर वापस लेने के प्रस्तावों पर सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की। खांडू ने प्रस्तावित परियोजना पर व्यापक परामर्श और सार्थक बातचीत के लिए आगे बढ़ने के रास्ते पर उप मुख्यमंत्री चाउना मीन के साथ आदि बाने केबांग यूथ विंग (एबीकेवाईडब्ल्यू) और आदि छात्र संघ (एडीआईएसयू) के साथ एक इंटरैक्टिव बैठक के बाद निर्णय की घोषणा की। बैठक के तुरंत बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें दो संगठनों से सियांग घाटी में सुरक्षा तैनाती में कमी और एफआईआर वापस लेने का अनुरोध मिला है। खांडू ने कहा,  &quot;संवाद के लिए विश्वास और आपसी समझ की आवश्यकता होती है। हम बातचीत, सहमति और आगे बढ़ने का रचनात्मक रास्ता खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। &quot;  उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों संगठन सियांग घाटी में विश्वास और बातचीत का माहौल बनाने के लिए रचनात्मक रूप से काम करेंगे। मुख्यमंत्री का बयान प्रस्तावित परियोजना पर तनाव को कम करने और हितधारकों के साथ जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास का संकेत देता है, जिसने स्थानीय आबादी के वर्गों के बीच विरोध और चिंताओं को देखा है। प्रस्तावित एसयूएमपी और चल रही पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) अभ्यास सियांग और ऊपरी सियांग जिलों में चर्चा के केंद्र में रहे हैं, स्थानीय संगठनों ने परियोजना पर चिंता जताई है और व्यापक परामर्श की मांग की है। मुख्यमंत्री चाउना मीन, जिन्होंने भी बातचीत में भाग लिया, ने एबीके यूथ विंग और एडीआईएसयू के साथ चर्चा को उपयोगी बताया और कहा कि प्रस्तावित पीएफआर पर व्यापक परामर्श और सार्थक बातचीत के लिए आगे बढ़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। उपमुख्यमंत्री ने कहा,  &quot;हम अपने युवाओं के विकास के लिए रास्ते बनाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यहां हैं। हम सियांग और ऊपरी सियांग जिलों के लोगों के साथ चर्चा और परामर्श के लिए हमेशा खुले हैं। &quot; उन्होंने कहा,  &quot;हमारा सामूहिक लक्ष्य भावी पीढ़ियों के हितों की रक्षा करते हुए अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करना है। &quot; प्रस्तावित परियोजना पर जारी चिंताओं और स्थानीय संगठनों की ओर से अधिक परामर्शात्मक दृष्टिकोण की मांग के बीच बातचीत और विश्वास निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि पीएफआर प्रक्रिया पर रचनात्मक रूप से आगे बढ़ने के लिए हितधारकों के साथ व्यापक जुड़ाव आवश्यक है। नवीनतम पहल से राज्य सरकार और सामुदायिक संगठनों के बीच नए सिरे से जुड़ाव का अवसर मिलने की उम्मीद है, जिसमें सुरक्षा तैनाती में प्रस्तावित कमी और एफआईआर को वापस लेने का उद्देश्य विश्वास बनाने और आगे के परामर्श की सुविधा प्रदान करना है।]]></content:encoded></item><item><title>अरुणाचल के जोरम गांव में पक्षियों की 38 प्रजातियां दर्ज</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-38-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-38-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C#comments</comments><guid isPermaLink="false">aed2a7f0-5bb1-4073-8386-aaed77db7c37</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:25:08 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:25:08.370Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ अरुणाचल के जोरम गांव में पक्षियों की 38 प्रजातियां दर्ज]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="292" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/8q1hdw7a/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82.jpg" width="525"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/8q1hdw7a/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2> संरक्षण और इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा</h2>ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले के जोरम गांव में आयोजित पहली पक्षी गणना में पक्षियों की 38 प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इस पहल से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता सामने आई है। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देने, बर्डवॉचिंग यानी पक्षी दर्शन को लोकप्रिय बनाने और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं भी उजागर हुई हैं।जोरम गांव के जोरम पुतुंग इलाके में पहली बार आयोजित ‘केयी पन्योर बर्ड काउंट’ में विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, स्वयंसेवकों, स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों की पहचान कर उनकी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया। इस अभ्यास का उद्देश्य स्थानीय पक्षी विविधता का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।<h2>हिमालयी क्षेत्र की पक्षी विविधता दर्ज</h2>पक्षी गणना के दौरान दर्ज प्रजातियों में इंडियन व्हाइट-आई, ग्रे बुशचैट, डार्क-साइडेड फ्लाईकैचर, व्हाइट-थ्रोटेड फैंटेल, माउंटेन हॉक-ईगल, लार्ज-बिल्ड क्रो और फायर-ब्रेस्टेड फ्लावरपेकर प्रमुख हैं। इस सूची में छोटे कीटभक्षी पक्षियों से लेकर शिकारी पक्षी माउंटेन हॉक-ईगल तक शामिल हैं।विशेषज्ञों के लिए इस तरह की गणना किसी क्षेत्र में पक्षियों की मौजूदगी और उनके वितरण को समझने का महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दर्ज किसी भी प्रजाति को इस सर्वेक्षण के आधार पर दुर्लभ, संकटग्रस्त या जिले में पहली बार दर्ज की गई प्रजाति घोषित नहीं किया गया है।<h2>कई संस्थाओं ने मिलकर किया आयोजन</h2>इस पक्षी गणना का आयोजन केयी पन्योर टूरिज्म सोसाइटी ने अरुणाचल प्रदेश बर्डिंग क्लब, बर्ड काउंट इंडिया और नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन (एनसीएफ) के सहयोग से किया। इस संयुक्त पहल में स्थानीय लोगों की भागीदारी के जरिए पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों के महत्व को समझने तथा संरक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।स्थानीय समुदाय को इस तरह के कार्यक्रमों से जोड़ने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जैव विविधता के संरक्षण में ग्रामीणों और युवाओं की सक्रिय भूमिका हो। स्थानीय स्तर पर पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्राकृतिक आवासों की जानकारी बढ़ने से भविष्य में संरक्षण संबंधी प्रयासों को भी मजबूती मिल सकती है।<h2>भविष्य में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं</h2>जोरम में पक्षी गणना को केवल वन्यजीवों की प्रजातियां दर्ज करने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यह पहल क्षेत्र में पक्षी दर्शन आधारित पर्यटन विकसित करने की संभावनाओं की ओर भी संकेत करती है। प्राकृतिक वातावरण और पक्षियों की विविधता में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित करके स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।इस दिशा में प्रशिक्षित स्थानीय गाइड, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, भोजन और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं। हालांकि, इन अवसरों को वास्तविक आजीविका में बदलने के लिए व्यवस्थित योजना, प्रशिक्षण, प्रचार और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन प्रबंधन की जरूरत होगी।<h2>आगे भी पक्षी सर्वेक्षण की जरूरत</h2>विशेषज्ञों के लिए पहली पक्षी गणना भविष्य के अध्ययन का आधार बन सकती है। अलग-अलग मौसमों में नियमित सर्वेक्षण करने से यह समझने में मदद मिलेगी कि क्षेत्र में पक्षियों की कौन-कौन सी प्रजातियां स्थायी रूप से पाई जाती हैं और किनका आगमन मौसमी होता है। लगातार आंकड़े जुटाने से पक्षियों की संख्या, वितरण और प्राकृतिक आवासों में होने वाले बदलावों की निगरानी भी की जा सकती है।इस गणना में दर्ज 38 प्रजातियां केवल सर्वेक्षण के दौरान पहचानी गई पक्षी विविधता को दर्शाती हैं। यह जरूरी नहीं कि यही क्षेत्र में मौजूद पक्षियों की कुल संख्या हो। भविष्य में अधिक व्यापक और नियमित सर्वेक्षण से केयी पन्योर जिले की जैव विविधता की बेहतर तस्वीर सामने आ सकती है।जोरम में आयोजित यह पहला पक्षी गणना अभियान स्थानीय जैव विविधता के दस्तावेजीकरण, सामुदायिक संरक्षण और प्रकृति आधारित पर्यटन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआती कदम है।]]></content:encoded></item><item><title>एनएचपीसी ने सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना की पांचवीं इकाई का समन्वयन किया, जिससे क्षमता 1,250 मेगावाट तक बढ़ी</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%8F%E0%A4%A8%E0%A4%8F%E0%A4%9A%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%87%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-1250-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%8F%E0%A4%A8%E0%A4%8F%E0%A4%9A%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%87%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-1250-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80#comments</comments><guid isPermaLink="false">4d657f84-78b8-46fd-badb-2e2b8229c328</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:23:56 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:23:56.300Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ एनएचपीसी ने सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना की पांचवीं इकाई का समन्वयन किया, जिससे क्षमता 1,250 मेगावाट तक बढ़ी]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="673" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/35dzz5d6/%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/35dzz5d6/%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ ईटानगर: एनएचपीसी ने अरुणाचल प्रदेश में 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (एसएलएचपी) की पांचवीं 250 मेगावाट इकाई को राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ किया है, जिससे कुल सिंक्रोनाइज़्ड क्षमता 1,250 मेगावाट हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि यूनिट को सोमवार रात 9 बजे सिंक्रोनाइज़ किया गया, जो अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा पर सुबनसिरी नदी पर परियोजना के चरणबद्ध कमीशनिंग में एक और कदम है।  इस परियोजना में 250 मेगावाट की आठ उत्पादन इकाइयां शामिल हैं और पूरी तरह से चालू होने के बाद सालाना लगभग 7,422 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। 1,000 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली चार इकाइयां पहले ही वाणिज्यिक संचालन में प्रवेश कर चुकी हैं, जबकि शेष तीन इकाइयों पर काम जारी है।  अधिकारियों ने कहा कि सिंक्रोनाइज़ेशन में तकनीकी जांच के बाद एक जनरेटर को ग्रिड से जोड़ना शामिल है। हालाँकि, आवश्यक परीक्षण और प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद वाणिज्यिक संचालन की घोषणा अलग से की जाती है।  इस परियोजना से पूर्वोत्तर में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और राष्ट्रीय बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। परिचालन स्थितियों और समन्वित नदी प्रबंधन के अधीन, ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़-नियंत्रण लाभ प्रदान करने की भी परिकल्पना की गई है।  परियोजना का निर्माण, जिसे बांध सुरक्षा और डाउनस्ट्रीम प्रभावों पर चिंताओं के बीच लंबे समय तक देरी का सामना करना पड़ा, अतिरिक्त सुरक्षा और शमन उपायों के लागू होने के बाद 2019 में फिर से शुरू हुआ। विद्युत मंत्रालय के अनुसार, परियोजना की पूर्ण कमीशनिंग अब दिसंबर 2027 की समय सीमा को संशोधित करते हुए मार्च 2027 तक करने का लक्ष्य है। एनएचपीसी ने प्रमुख इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरणों की स्थापना सहित शेष इकाइयों पर काम जारी रखा है।]]></content:encoded></item><item><title>मणिपुर ने 72वें वन्यजीव सप्ताह पर क्लाउडेड तेंदुआ, गिद्ध संरक्षण परियोजनाएं शुरू कीं</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-72%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%A1-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%82</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-72%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%A1-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%82#comments</comments><guid isPermaLink="false">713b1f36-6ec0-4b84-8338-cef268847d1d</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:21:33 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:21:33.106Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मणिपुर ने 72वें वन्यजीव सप्ताह पर क्लाउडेड तेंदुआ, गिद्ध संरक्षण परियोजनाएं शुरू कीं]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="675" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/utopjsbk/%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/utopjsbk/%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>मणिपुर : </h2>मणिपुर ने क्लाउडेड तेंदुओं और गिद्धों को लक्षित करते हुए दो संरक्षण पहल शुरू की हैं क्योंकि राज्य अपनी जैव विविधता की रक्षा के प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है, साथ ही वन विभाग वन्यजीव तस्करी का पता लगाने में मदद करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक की भी खोज कर रहा है। बुधवार को इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में 72वें वन्यजीव सप्ताह समारोह के दौरान पहल की घोषणा की गई, जहां राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य के जंगलों, आर्द्रभूमि और वन्यजीव आवासों की रक्षा के लिए मजबूत उपायों का आह्वान किया। वन विभाग द्वारा  \&quot;कनेक्टिंग हैबिटेट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ \&quot; थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करने, अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करने और संरक्षण में स्थानीय समुदायों को शामिल करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम से इतर बोलते हुए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग बाजपेयी ने कहा कि मणिपुर क्लाउडेड तेंदुआ संरक्षण परियोजना और गिद्ध संरक्षण परियोजना “दो परियोजनाएं, एक मिशन” थीम के तहत शुरू की गई थी। मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में क्लाउडेड तेंदुए पाए जाते हैं, जबकि गिद्ध पहल का उद्देश्य उस प्रजाति की रक्षा करना है जिसकी आबादी राज्य में काफी कम हो गई है। बाजपेयी ने पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा,  \&quot;हम मणिपुर में जंगली गिद्धों को मुश्किल से देखते हैं, हालांकि वे एक बार यहां पाए जाते थे। वर्तमान में, मणिपुर प्राणी उद्यान में केवल चार या पांच गिद्धों का संरक्षण किया जा रहा है। \&quot;<h2>वन्यजीव तस्करी का पता लगाने में मदद के लिए एआई उपकरण</h2>वन विभाग प्रवर्तन कर्मियों को तस्करी वाले वन्यजीवों और जानवरों के अंगों की पहचान करने में मदद करने के लिए एआई-आधारित टूल की खोज कर रहा है। बाजपेयी ने कहा कि सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए संस्थानों और संगठनों के साथ चर्चा चल रही है, जिसे संदिग्ध वन्यजीव उत्पादों को स्कैन करने और पहचानने के लिए मोबाइल फोन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि म्यांमार के साथ मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा और इसके सड़क नेटवर्क, जिसमें मोरेह तक जाने वाले मार्ग भी शामिल हैं, वन्यजीवों की तस्करी को रोकने में चुनौतियां पेश करते हैं। प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए, हाल ही में एक कार्यशाला में पुलिस कर्मियों, अर्धसैनिक बलों, असम राइफल्स, खुफिया एजेंसियों, सीमा शुल्क अधिकारियों, भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण और हवाईअड्डा कार्गो सेवा प्रदाताओं को तस्करी के खिलाफ समन्वय में सुधार करने के लिए एक साथ लाया गया। बाजपेयी ने जनसंख्या परिवर्तन को ट्रैक करने और तत्काल संरक्षण उपायों की आवश्यकता वाली प्रजातियों की पहचान करने के लिए मणिपुर की जैव विविधता, विशेष रूप से निवासी पक्षी प्रजातियों के दस्तावेजीकरण के महत्व पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान बर्ड्स ऑफ लैंगोल रिजर्व फॉरेस्ट: ए रेकनर नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।<h2>राज्यपाल ने आवास संरक्षण पर जोर दिया</h2>सभा को संबोधित करते हुए, राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि मणिपुर के जंगल, आर्द्रभूमि और पहाड़ियाँ दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों सहित वन्यजीवों की एक विविध श्रृंखला का समर्थन करती हैं, जिनका अस्तित्व निवास स्थान संरक्षण और सामूहिक संरक्षण प्रयासों पर निर्भर करता है। मणिपुर के राज्य पशु संगाई हिरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के अद्वितीय आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र में इसका अस्तित्व प्रजातियों के संरक्षण और आवास संरक्षण के बीच घनिष्ठ संबंध को दर्शाता है। उन्होंने क्लाउडेड तेंदुओं, हिमालयी काले भालू, पैंगोलिन और प्रवासी पक्षियों, विशेषकर अमूर बाज़ की सुरक्षा का भी आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक थी। बाजपेयी ने कहा कि वनों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों को रोकने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में स्थानीय समुदायों, छात्रों, युवाओं और नागरिक समाज संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि संरक्षण गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी उत्साहजनक है।<h2>पोस्ते की खेती के लिए 307 हेक्टेयर भूमि चिन्हित</h2>अवैध पोस्त की खेती पर, बाजपेयी ने कहा कि विभाग ने पोस्ता की खेती के तहत 307 हेक्टेयर भूमि की पहचान की है और अगले एक या दो सप्ताह के भीतर फसलों को नष्ट करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा,  \&quot;वन क्षेत्रों का कोई भी विनाश अनिवार्य रूप से वन्यजीवों और उसके प्राकृतिक आवास को खतरे में डालता है। हम अपने जंगलों की रक्षा के लिए अवैध पोस्त की खेती को रोकने और नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। \&quot; उन्होंने कहा कि विभाग कथित तौर पर इस गतिविधि में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खेती में शामिल ग्रामीणों को परामर्श देगा और उनका पुनर्वास करेगा। उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री लोसी दिखो ने महत्वपूर्ण आवासों की रक्षा, अवैध शिकार को रोकने, अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने और बिगड़े हुए पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को जलवायु लचीलेपन और टिकाऊ वन प्रबंधन के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में एक वन्यजीव संरक्षण वीडियो एल्बम और 72वें वन्यजीव सप्ताह उत्सव रिपोर्ट 2026 का विमोचन किया गया। एक अन्य पुस्तक, महौशागी मैथोंग का भी विमोचन किया गया। मणिपुर जूलॉजिकल गार्डन को 50 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी गई, साथ ही दिखो ने पशु कल्याण, वैज्ञानिक प्रबंधन और संरक्षण शिक्षा में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम वन्यजीव जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित क्विज़, पेंटिंग, निबंध-लेखन और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार देने के साथ संपन्न हुआ।]]></content:encoded></item><item><title>इंफाल में प्रसव के बाद महिला की मौत, जांच के लिए RIMS ने 4 सदस्यीय पैनल बनाया</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-rims-%E0%A4%A8%E0%A5%87-4-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-rims-%E0%A4%A8%E0%A5%87-4-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE#comments</comments><guid isPermaLink="false">d3118275-fdce-4aaf-bcf9-0954bc35096e</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:20:05 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:20:05.182Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ इंफाल में प्रसव के बाद महिला की मौत, जांच के लिए RIMS ने 4 सदस्यीय पैनल बनाया]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="675" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/os8lbi8j/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/os8lbi8j/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>इंफाल : </h2>इंफाल के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) ने प्रसव के बाद 25 वर्षीय महिला की मौत की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, उसके परिवार द्वारा चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों के बीच।संस्थान ने एक बयान में थोकचोम ओंगबी बिनारोई की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।समिति को घटना के आसपास की परिस्थितियों का पता लगाने और मौत का कारण निर्धारित करने का काम सौंपा गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाना है, जबकि जांच समिति को तीन कार्य दिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है।रिम्स ने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर और लागू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।बयान में कहा गया,  \&quot;संस्थान यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और घटना से उत्पन्न किसी भी चिंता पर उचित विचार किया जाए। \&quot;यह घटनाक्रम मंगलवार को अस्पताल में महिला के परिवार के विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ, जिसके दौरान रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि जन्म देने के बाद चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई। परिवार ने दावा किया कि बिनारोई लंबे समय तक ऑपरेशन थिएटर के अंदर रहीं और गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में स्थानांतरित करने से पहले बाहर लाए जाने पर उनके शरीर से भारी रक्तस्राव हो रहा था।उनकी मृत्यु के बाद, रिश्तेदारों ने कथित तौर पर अस्पताल परिसर में कुर्सियाँ, फूल के बर्तन और खिड़की के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए।रिम्स ने सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की निंदा करते हुए कहा कि बर्बरता के कृत्य अस्वीकार्य हैं और इससे आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं और इलाज चाहने वाले अन्य मरीज प्रभावित हो सकते हैं।शोक संतप्त परिवार के दुःख और पीड़ा को स्वीकार करते हुए, संस्थान ने कहा कि चिकित्सा कर्मियों के प्रयासों के बावजूद प्रसव के दौरान जटिलताओं के परिणामस्वरूप कभी-कभी दुखद परिणाम हो सकते हैं। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि मामले की परिस्थितियों का आकलन अटकलों के बजाय जांच और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर किया जाना चाहिए।रिम्स ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और स्थापित प्रक्रियाओं को अपना काम करने देने की अपील की।चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है और जांच समिति के निष्कर्षों का इंतजार है।]]></content:encoded></item><item><title>मेघालय कैबिनेट ने स्कूल एडू कॉम्प्लेक्स नियम- 2026 को दी मंजूरी</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%8F%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-2026-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%8F%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-2026-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80#comments</comments><guid isPermaLink="false">d9a7c4f8-2887-466d-8e63-56f4859821c3</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:18:16 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:18:16.954Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मेघालय कैबिनेट ने स्कूल एडू कॉम्प्लेक्स नियम- 2026 को दी मंजूरी]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="675" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/cquh13tm/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2.jpg" width="1200"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/cquh13tm/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>शिलांग : </h2>मेघालय मंत्रिमंडल ने निम्न और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक संस्थानों के साथ जोड़कर स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बीच छात्रों के संक्रमण को आसान बनाने के लिए मेघालय स्कूल शिक्षा स्कूल कॉम्प्लेक्स नियम, 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों के सामने आने वाली प्रवेश संबंधी कठिनाइयों को कम करना है, जिन्हें अक्सर एक स्कूल स्तर से दूसरे स्कूल में जाने पर नई प्रवेश औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। मेघालय में 9,244 निम्न प्राथमिक विद्यालय, 2,396 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 1,755 माध्यमिक विद्यालय और 532 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं, जो उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों की उपलब्धता में अंतर को उजागर करते हैं। संगमा ने कहा कि प्रस्तावित प्रणाली आसपास के संस्थानों से जुड़े नोडल स्कूल बनाएगी, जिससे छात्रों को स्थानांतरण प्रमाणपत्र सहित बार-बार कागजी कार्रवाई की आवश्यकता के बिना कक्षा 5 से 6, कक्षा 8 से 9 और अन्य स्तरों पर संक्रमण की सुविधा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भागीदारी स्वैच्छिक होगी और इसमें सरकार के साथ काम करने के इच्छुक स्कूल शामिल होंगे। यह व्यवस्था भाग लेने वाले संस्थानों के कामकाज या निर्णय लेने में हस्तक्षेप नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से सरकार को ब्लॉकों, उपमंडलों और जिलों में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने में भी मदद मिलेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ऐसे संस्थान सीमित हैं। नियमों से स्कूलों को जोड़ने और छात्रों की शिक्षा में निरंतरता में सुधार के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करने की उम्मीद है।]]></content:encoded></item><item><title>मेघालय शिक्षक निकाय ने शिक्षकों के लिए समय पर वेतन की मांग की</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80#comments</comments><guid isPermaLink="false">6ecd38b6-e752-4b37-9175-1256bfbf3c21</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:15:13 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:15:13.715Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मेघालय शिक्षक निकाय ने शिक्षकों के लिए समय पर वेतन की मांग की]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="600" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/7j2wmxuf/%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%B6%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3.jpg" width="900"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/7j2wmxuf/%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%B6%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>शिलांग: </h2>मेघालय यूनिफाइड टीचर्स एसोसिएशन (एमयूटीए) ने राज्य सरकार से शिक्षकों को आगामी छठे वेतन आयोग के दायरे में संरचित वेतन ढांचे (एसपीएफ) के तहत लाने का आग्रह किया है, क्योंकि इसने सेवा शर्तों और कल्याण पर मांगों का एक व्यापक चार्टर दबाया है।MUTA अध्यक्ष अरस्तू सी. रिंबाई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से शिलांग में उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की और सरकार के हस्तक्षेप की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।वेतन आयोग के तहत शामिल किए जाने के अलावा, चार्टर समान अवकाश पात्रता और मातृत्व लाभ, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं और चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और नियमित सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध शर्तों के बराबर ऋण तक पहुंच की मांग करता है।एसोसिएशन ने उन वरिष्ठ शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष वित्तीय पैकेज की भी मांग की, जो रूपरेखा लागू होने से पहले सेवानिवृत्त हो गए, साथ ही उन लोगों के लिए भी जिनकी सेवा पांच साल या उससे कम शेष है।वेतन के मामले में, एमयूटीए ने सरकार पर सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के शिक्षकों को एक ही किस्त में भुगतान जारी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाला कि उन्हें हर महीने के पहले दिन तक नियमित रूप से भुगतान किया जाए।संरचित वेतन ढांचे की शुरूआत का स्वागत करते हुए, एसोसिएशन ने सरकार से शिक्षकों के कल्याण, सेवा अधिकारों और वित्तीय सुरक्षा की सुरक्षा के लिए उसकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया।]]></content:encoded></item><item><title>मेघालय विधानसभा भवन का निर्माण इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE#comments</comments><guid isPermaLink="false">12d1beff-179b-4324-bd42-b50dafa97849</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:11:23 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:11:23.971Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मेघालय विधानसभा भवन का निर्माण इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="549" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/5hvrdmpo/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE.jpg" width="976"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/5hvrdmpo/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ सिलाड  : विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने मंगलवार को कहा कि मावडियांगडियांग में नए विधानसभा भवन का निर्माण तय समय पर है और इस कैलेंडर वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, अब तक लागत में कोई वृद्धि नहीं हुई है।  संगमा ने कहा,  &quot;यह प्रगति कर रहा है और मुझे उम्मीद है कि कोई कठिनाई नहीं होगी, ऐसी कोई स्थिति नहीं आएगी कि हम देरी कर सकें लेकिन यह तय समय पर है। यह तय समय पर चल रहा है लेकिन कुछ अप्रत्याशित चीजें हुई हैं इसलिए हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह इस कैलेंडर वर्ष के भीतर पूरा हो जाएगा। &quot;  उन्होंने कहा कि मुख्य लंबित कार्य असेंबली हॉल, गुंबद और छत है, जिसमें मेघालय की संस्कृति और कहानी को दर्शाने वाले जटिल डिजाइन हैं।   अध्यक्ष ने कहा,  &quot;हॉल एक अलग तत्व या संरचना है; हमने दाएं विंग और बाएं विंग को भी पूरा कर लिया है। पहले के गुंबद के ढहने के कारण हॉल के काम में देरी हुई और हमें आईआईटी और सक्षम लोगों द्वारा नए डिजाइन को मंजूरी मिलने तक इंतजार करना पड़ा। &quot;  सुरक्षा पर, संगमा ने कहा कि ऑडिट एक साथ किया जा रहा है क्योंकि छत का काम संरचना को कवर करेगा।  उन्होंने कहा,  &quot;अब भी क्योंकि छत को ढक दिया जाएगा, इसलिए हमारे पास सुरक्षा ऑडिट के लिए अंदर जाने का समय नहीं होगा, इसलिए यह एक साथ किया जा रहा है। हाल ही में, गुवाहाटी आईआईटी के प्रोफेसर आए हैं, उन्होंने निरीक्षण किया है और उन्होंने कुछ टिप्पणियां की हैं जो बहुत मामूली हैं और आवश्यक सुधार पहले से ही किए जा रहे हैं। &quot;   उन्होंने कहा,  &quot;सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि कम से कम मेरे समय में ऐसा कुछ नहीं होगा। &quot;  दूसरे चरण के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रस्ताव केंद्र को सौंपे गए हैं और कुछ सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, हालांकि कोई विशेष मंत्रालय विधानसभा भवन विकास की देखभाल नहीं करता है।]]></content:encoded></item><item><title>मिजोरम ने 2047 तक जीएसडीपी में 5-7% पर्यटन हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-2047-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-5-7-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%BE</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-2047-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-5-7-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%BE#comments</comments><guid isPermaLink="false">4ab11238-4887-42ec-b770-8190cf471e74</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:09:40 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:09:40.814Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मिजोरम ने 2047 तक जीएसडीपी में 5-7% पर्यटन हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="447" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wpp8ni7s/%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE.jpg" width="592"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/wpp8ni7s/%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>निजी निवेश को किया आमंत्रित </h2><h2>मिजोरम : </h2>मिजोरम का लक्ष्य अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में पर्यटन के योगदान को मौजूदा 2.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 5-7 प्रतिशत करना है, राज्य सरकार बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए निजी निवेश को आमंत्रित करेगी। बुधवार को मिजोरम ट्रैवल फेस्ट 2026 में मीडिया को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि राज्य 31 दिसंबर तक कम से कम 10 लाख आगंतुकों को लक्षित कर रहा है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी और अपने प्राकृतिक परिदृश्य और सांस्कृतिक विरासत में बढ़ती रुचि के कारण पर्यटकों का आगमन जारी है। मिजोरम की विशिष्ट अपील पर प्रकाश डालते हुए, लालडुहोमा ने कहा कि इसकी नागरिक भावना, स्वच्छता, शांतिपूर्ण वातावरण और महिलाओं के लिए सुरक्षा पिछली पीढ़ियों से विरासत में मिली ताकतें हैं और इन्हें केवल वित्तीय निवेश के माध्यम से नहीं बनाया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा,  \&quot;नागरिक भावना, स्वच्छ हवा, हमारी संस्कृति और शांति वे ताकतें हैं जो हमने अपने पूर्वजों से सीखी हैं; इनमें किसी निवेश की आवश्यकता नहीं है। \&quot; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार पर्यटन के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भी काम कर रही है। 681.16 करोड़ रुपये की पर्यटन बुनियादी ढांचा परियोजनाएं वर्तमान में केंद्र और बाहरी भागीदारों के समर्थन से क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें इको-रिसॉर्ट्स, रोपवे, विरासत केंद्र, तीर्थयात्रा सर्किट और सम्मेलन सुविधाएं शामिल हैं।  \&quot;सरकार नींव रख रही है, और हम निजी क्षेत्र को इस पर निर्माण करने के लिए आमंत्रित करते हैं, \&quot; लालदुहोमा ने कहा, उन्होंने उद्यमों से राज्य के पर्यटन विकास के अगले चरण में भाग लेने का आह्वान किया।<h2>पर्यटक आगमन में 51 प्रतिशत की वृद्धि</h2>कार्यक्रम में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मिजोरम में जनवरी और अगस्त 2026 के बीच 6.7 लाख से अधिक पर्यटक आए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 51 प्रतिशत की वृद्धि है। सितंबर 2025 में बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन के खुलने से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और राज्य की यात्रा अधिक सुलभ हो गई है। लालदुहोमा ने कहा,  \&quot;मिजोरम की मांग वास्तविक और बढ़ रही है, और अब यह इसकी सेवा के लिए उपलब्ध सुविधाओं से अधिक है। यह अंतर हमारे सामने अवसर का प्रतिनिधित्व करता है। \&quot; पर्यटन मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने कहा कि 2026 के अंत तक 10 लाख आगंतुकों का लक्ष्य लगभग मिजोरम की आबादी के बराबर है। हालाँकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन वृद्धि को केवल आगंतुकों की संख्या से नहीं मापा जाना चाहिए।  \&quot;हमारे लिए, पर्यटन केवल आगंतुकों की संख्या बढ़ाने के बारे में नहीं है। यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि आर्थिक लाभ हमारे लोगों तक पहुंचे और स्थानीय व्यवसायों और समुदायों के लिए अवसर पैदा करें, \&quot; हमार ने कहा।<h2>पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति, प्रकृति और त्यौहार</h2>पर्यटन विभाग की एक प्रस्तुति में मिज़ोरम के 85.34 प्रतिशत वन क्षेत्र, जैव विविधता, प्राकृतिक परिदृश्य, झरने और जीवित मिज़ो संस्कृति को प्रमुख आकर्षण के रूप में उजागर किया गया। राज्य की पर्यटन रणनीति गंतव्यों को आवास, परिवहन, प्रशिक्षित कर्मियों, स्थानीय सेवाओं और बुक करने योग्य अनुभवों से जोड़ने का प्रयास करती है, जिससे आगंतुकों को स्थानीय उद्यमों की ओर खर्च को निर्देशित करते हुए अधिक स्थानों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। मिजोरम पर्यटन कार्यक्रम और महोत्सव कैलेंडर 2026 में प्रदर्शित आगामी कार्यक्रमों में 16 अक्टूबर तक चम्फाई में हनाहसिन कुट या कॉसमॉस महोत्सव शामिल है; 11 से 13 नवंबर तक लुंगलेई में लीटलांगपुई संगीत समारोह; और 15 से 23 दिसंबर तक आइजोल में शीतकालीन महोत्सव। सरकार सार्वजनिक रूप से समर्थित बुनियादी ढांचे, सामुदायिक उद्यमों, सार्वजनिक-निजी भागीदारी संचालन और निजी तौर पर संचालित पर्यटन अनुभवों में निवेश के अवसरों की भी पहचान कर रही है। पर्यटन विभाग के आयुक्त और सचिव डॉ. लालरोज़ामा ने बढ़ती आगंतुक संख्या और मांग और मौजूदा सुविधाओं के बीच अंतर से उत्पन्न संभावनाओं पर प्रकाश डाला, और मिजोरम को जिम्मेदार निवेश के लिए खुला बताया। योजना और कार्यक्रम कार्यान्वयन और वित्त विभागों के आयुक्त और सचिव वनलालदीना फनाई ने पर्यटन विकास को उद्यम और निजी निवेश द्वारा संचालित अधिक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण की राज्य की व्यापक महत्वाकांक्षा से जोड़ा। उन्होंने भविष्य के संभावित कनेक्टिविटी विकल्पों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें दक्षिणी मिजोरम की ओर रेलवे पहुंच बढ़ाना और छोटे हवाई अड्डों की खोज करना शामिल है।<h2>स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग</h2>सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि पर्यटन विस्तार को मिजोरम की अपील को रेखांकित करने वाले प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करना चाहिए। पर्यटन विभाग ने आगंतुकों को स्थानीय रीति-रिवाजों, परंपराओं और उचित आचरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए सेंट्रल यंग मिज़ो एसोसिएशन (सीवाईएमए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। पर्यटन मंत्री हमार ने प्लास्टिक कचरे को कम करने और प्लास्टिक-मुक्त कार्यक्रमों को बढ़ावा देने सहित हरित त्योहारों और स्थलों का भी आह्वान किया है। सरकार CYMA और आइजोल नगर निगम के सहयोग से आवास इकाइयों के बेहतर विनियमन और निगरानी की योजना बना रही है। लालडुहोमा ने म्यांमार और बांग्लादेश के साथ मिजोरम की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत इसकी स्थिति की ओर इशारा करते हुए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए पर्यटन की क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,  \&quot;मिजोरम पूर्व में भारत का प्रवेश द्वार है। हम म्यांमार और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के केंद्र में हैं। असम-मिजोरम सीमा महोत्सव जैसी पहल से पता चलता है कि पर्यटन पड़ोसियों के बीच शांति और सद्भावना को भी बढ़ावा दे सकता है। \&quot; मिजोरम ट्रैवल फेस्ट सरकारी प्रतिनिधियों, पर्यटन संस्थानों, उद्योग संघों और निजी भागीदारों को निवेश के अवसरों का पता लगाने और सहयोग को मजबूत करने के लिए एक साथ लाता है, क्योंकि राज्य एक समुदाय-उन्मुख पर्यटन अर्थव्यवस्था का निर्माण करना चाहता है जो रोजगार पैदा करती है और 2047 तक आर्थिक विकास में अधिक महत्वपूर्ण योगदान देती है।]]></content:encoded></item><item><title>मिजोरम में एक चर्च अस्पताल को सार्वजनिक योजना के तहत मिलती है विशेष दरें</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82#comments</comments><guid isPermaLink="false">d683b180-29e1-4dcd-b660-6770ab3d48e0</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:06:38 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:06:38.840Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मिजोरम में एक चर्च अस्पताल को सार्वजनिक योजना के तहत मिलती है विशेष दरें]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="600" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/27clcqy7/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82.jpg" width="900"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/27clcqy7/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ मिजोरम   : मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (MUHCS) मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व वाली ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) सरकार का प्रमुख कल्याण कार्यक्रम है। 2025 में एमयूएचसीएस 1.0 के रूप में पेश किया गया, यह मिजोरम के भीतर और राज्य के बाहर, सरकारी सुविधाओं और सूचीबद्ध निजी और चर्च संचालित अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्रदान करता है।  दूसरे चरण का अनावरण मार्च 2026 में किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने सूचीबद्ध अस्पतालों के बढ़ते नेटवर्क को योजना की सफलता का स्पष्ट संकेत बताया है।  ईस्टमोजो ने सरकार और सिनॉड अस्पताल के बीच हस्ताक्षरित समझौते की एक प्रति प्राप्त की है और पैकेज दरों पर राज्य की नवीनतम अधिसूचना के साथ इसकी दरों की तुलना की है। तुलना से पता चलता है कि सिनॉड को अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों की तुलना में अधिक उदार शर्तों पर प्रतिपूर्ति की जाती है।  अधिकारियों का कहना है कि 3.2 लाख से अधिक परिवार नामांकित हैं। इनमें से 2,26,899 केंद्र के एबी-पीएमजेएवाई के अंतर्गत आते हैं, जिसे एमयूएचसीएस के साथ मिला दिया गया है। बाकी 48,091 सामान्य लाभार्थी, 35,325 सरकारी कर्मचारी और 11,928 पेंशनभोगी हैं।  सरकार ने दोनों चरणों में उपचार बिलों में 271 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। एमयूएचसीएस 1.0 (2025-26) के तहत एक लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया गया और 171.57 करोड़ रुपये जारी किए गए। एमयूएचसीएस 2.0 के तहत, 24 अगस्त तक कम से कम 31,832 रोगियों का इलाज किया गया था, जिसमें 99.60 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे।  सामान्य लाभार्थियों को सामान्य वार्ड के लिए 2,500 रुपये, अर्ध-निजी केबिन के लिए 5,000 रुपये या निजी केबिन के लिए 10,000 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है। सरकारी कर्मचारी असीमित कवर के लिए 200 रुपये से 1,500 रुपये तक मासिक शुल्क का योगदान करते हैं।  पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को प्रति माह 1,000 रुपये का निश्चित चिकित्सा भत्ता छोड़ने के बदले में प्रति वर्ष 2 लाख रुपये तक मिलते हैं। क्योंकि यह योजना अनिवार्य योगदान और सार्वजनिक राजस्व पर आधारित है, जिन शर्तों पर अस्पतालों को भुगतान किया जाता है वह सार्वजनिक हित का मामला है।  12 अक्टूबर, 2026 को वांगलैनी में प्रकाशित  &quot;ह्रीअत थेहना चानवो &quot; शीर्षक से एक लेख में, वरिष्ठ पत्रकार एच.सी. वनलालरुआता ने तर्क दिया कि मिजोरम राज्य स्वास्थ्य देखभाल सोसायटी (एमएसएचसीएस) और भाग लेने वाले अस्पतालों के बीच समझौते सार्वजनिक जांच के लिए खुले होने चाहिए।  उन्होंने अन्य निजी अस्पतालों में सामान्य प्रसव के लिए 5,000 रुपये की प्रतिपूर्ति का हवाला दिया, जबकि सिनॉड अस्पताल, डर्टलैंग के साथ समझौते के तहत 20,000 रुपये दिए गए थे। उन्होंने आईसीयू और सामान्य वार्ड शुल्क में अंतर की ओर भी इशारा किया और पूछा कि क्या अस्पतालों में समान व्यवहार किया जा रहा है।  वनलालरुआटा ने आगे तर्क दिया कि प्रतिबंधात्मक दरें और कुछ निजी अस्पतालों का बहिष्कार उपचार तक पहुंच को सीमित कर सकता है जहां सूचीबद्ध अस्पतालों में कोई बिस्तर उपलब्ध नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के कार्यान्वयन से निजी अस्पतालों की वित्तीय स्थिरता और उनके कर्मचारियों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।  दस्तावेज़ सामने आने से काफी पहले ही धर्मसभा समझौते की शर्तों पर विवाद हुआ था। 24 अप्रैल के आकाशवाणी आइजोल बुलेटिन के अनुसार, अधिवक्ता जे माल्सावमजुआला ने सूचना के अधिकार अधिनियम का उपयोग करते हुए मिजोरम राज्य स्वास्थ्य देखभाल सोसायटी से सिनॉड अस्पताल, डर्टलैंग के साथ समझौते की एक प्रति और इसके विस्तृत मूल्य निर्धारण की मांग की।  मिजोरम सूचना आयोग की पूर्ण पीठ ने 9 अप्रैल को मामले की सुनवाई की और सोसायटी के राज्य लोक सूचना अधिकारी को 17 अप्रैल से पहले जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एमएसएचसीएस ने आयोग के निर्देश को गौहाटी उच्च न्यायालय में चुनौती दी।  बुलेटिन में यह भी बताया गया है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मिजोरम सरकार के तहत दो निकाय एक-दूसरे के खिलाफ अदालत में गए हैं। समीक्षा किए गए स्रोत उच्च न्यायालय की कार्यवाही के परिणाम की रिपोर्ट नहीं करते हैं।  खुलासे को आगे बढ़ाने वाले जे सावमा ने ईस्टमोजो को बताया कि पारदर्शिता उनकी प्रमुख चिंता थी। उन्होंने कहा कि विधायक शर्तों को प्राप्त करने में असमर्थ रहे क्योंकि अधिकारियों ने गोपनीयता खंड का हवाला दिया, जिसे उन्होंने कृत्रिम बताया क्योंकि इसमें सार्वजनिक धन शामिल था। समझौते के अब सार्वजनिक डोमेन में होने पर, उन्होंने कहा कि उन्होंने इसका और अधिक विश्लेषण नहीं किया है और जनता को अपना दृष्टिकोण बनाने के लिए छोड़ दिया है।  सिनॉड अस्पताल समझौता एमएसएचसीएस के माध्यम से कार्य करने वाले मिजोरम के राज्यपाल और मिजोरम प्रेस्बिटेरियन चर्च सिनॉड के बीच एक द्विपक्षीय अनुबंध है। सिनॉड अस्पताल, डर्टलैंग, आइजोल में चर्च द्वारा संचालित सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है और इसका स्वामित्व और प्रबंधन सिनॉड के पास है, जो लुंगलेई में जॉन विलियम्स अस्पताल भी चलाता है।  योजना के शुरुआती हफ्तों में, सिनॉड अस्पताल सहित चर्च द्वारा संचालित अस्पतालों ने इसका समर्थन नहीं किया और उन्हें सूचीबद्ध सूची से बाहर कर दिया गया। यह सितंबर 2025 में बदल गया, जब सिनॉड कार्यकारी समिति ने सिनॉड अस्पताल और जॉन विलियम्स अस्पताल में एमयूएचसीएस के उपयोग को मंजूरी दे दी। यह समझौता दोनों अस्पतालों को कवर करता है और 1 नवंबर, 2025 से एक वर्ष के लिए वैध फ्लैट दरें निर्धारित करता है।  ईस्टमोजो ने अपनी दरों की तुलना स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी संशोधित पैकेज दरों पर 8 जून, 2026 की अधिसूचना से की। वह अधिसूचना एक राज्यव्यापी आदेश है जो पैनल में शामिल अन्य सभी अस्पतालों पर लागू होती है। समीक्षा किए गए दस्तावेज़ों में यह नहीं बताया गया है कि क्या अधिसूचना उस अनुबंध की समाप्ति से पहले धर्मसभा की दरों को हटा देती है।  धर्मसभा समझौता प्रत्येक प्रक्रिया के लिए एक ही दर प्रदान करता है। इसमें सिजेरियन सेक्शन के लिए 38,000 रुपये, ओपन कोलेसिस्टेक्टोमी के लिए 40,000 रुपये और लेप्रोस्कोपिक एपेंडिसेक्टोमी के लिए 50,000 रुपये की अनुमति है। जून की अधिसूचना अन्य निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में समान प्रक्रियाओं के लिए 24,500 रुपये, 30,800 रुपये और 31,500 रुपये तय करती है। इसलिए धर्मसभा की दरें क्रमशः लगभग 55, 30 और 59 प्रतिशत अधिक हैं।  सिनॉड के नियमित वार्ड की सीमा प्रतिदिन 5,000 रुपये, एचडीयू की सीमा 6,000 रुपये और 32 सप्ताह से कम उम्र के शिशुओं की समयपूर्व देखभाल की सीमा 7,000 रुपये है। इसके आईसीयू की प्रतिपूर्ति  &quot;वास्तविक के अनुसार &quot; की जाती है, जिसकी कोई सीमा नहीं है।  अधिसूचना में नियमित वार्डों के लिए 3,500 रुपये और एचडीयू के लिए 5,000 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है, और ओपन-एंडेड आईसीयू बिलिंग के स्थान पर प्रतिदिन 9,600 रुपये की निश्चित सीमा निर्धारित की गई है। मानक शर्तों के तहत वार्ड दरें सिनॉड की तुलना में 30 प्रतिशत कम हैं, और अन्य अस्पतालों में आईसीयू शुल्क सीमित हैं जहां सिनॉड नहीं है।  सामान्य प्रसव के लिए, सिनॉड को रोगी की श्रेणी की परवाह किए बिना 20,000 रुपये मिलते हैं। अधिसूचना में अन्य निजी अस्पतालों को सामान्य नागरिक के लिए 5,000 रुपये और सरकारी कर्मचारी के लिए 18,000 रुपये का भुगतान किया गया है।  सिनॉड दर सामान्य नागरिक दर से चार गुना है और अभी भी अन्य अस्पतालों पर लागू उच्चतम स्तर से 2,000 रुपये अधिक है। आम जनता, जो वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करती है, धर्मसभा को छोड़कर हर जगह सबसे निचले स्तर पर आती है।  राज्य द्वारा संचालित सुविधाओं के अलावा, मिजोरम में 20 निजी अस्पताल और पांच डे-केयर सेंटर और राज्य के बाहर 53 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। राज्य के बाहर के 11 अस्पतालों को पैनल में शामिल माना गया है। आइजोल के कुछ प्रमुख निजी अस्पताल इस योजना से बाहर हैं क्योंकि पैकेज दरों पर सहमति नहीं बनी है।  अधिकारियों का कहना है कि पैनल में शामिल अस्पतालों पर कोई बकाया नहीं है। प्रक्रियाधीन बिलों में मिजोरम के 13 सरकारी अस्पतालों से 1.35 करोड़ रुपये, राज्य के तीन निजी अस्पतालों से 2.41 करोड़ रुपये और मिजोरम के बाहर दो निजी अस्पतालों से 2.45 करोड़ रुपये शामिल हैं। 18.95 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 1,757 व्यक्तिगत प्रतिपूर्ति दावों पर भी कार्रवाई की जा रही है।  आइज़ॉल के सबसे बड़े निजी अस्पतालों में से एक, एबेनेज़र मेडिकल सेंटर, उन अस्पतालों में से एक है जिन्हें अभी तक सूचीबद्ध नहीं किया गया है।  एबेनेज़र मेडिकल सेंटर के चिकित्सा निदेशक डॉ सियामा ने कहा कि एबेनेज़र मेडिकल सेंटर और अन्य निजी अस्पताल शुरू में एमयूएचसीएस में शामिल होने से झिझक रहे थे, इसके दो मुख्य कारण थे: पहले से कैशलेस उपचार प्रदान करने का वित्तीय बोझ और सरकार द्वारा दी जाने वाली कम प्रतिपूर्ति दरें।  उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही एक समझौता होगा जिस पर वे काम कर सकते हैं।  &quot;निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि जो अभी तक इसमें शामिल नहीं हुए हैं, उन्होंने मिजोरम राज्य स्वास्थ्य देखभाल सोसायटी के सीईओ से मुलाकात की और भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। हम समझते हैं कि सरकार उचित प्रतिपूर्ति दरों पर काम कर रही है, और हम इस योजना में शामिल होने के लिए निमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं, &quot; उन्होंने ईस्टमोजो को बताया।  सिनॉड हॉस्पिटल और पैनल में शामिल अन्य अस्पतालों के बीच दरों की असमानता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा,  &quot;हालांकि सरकार विभिन्न अस्पतालों के साथ अलग-अलग दरों पर बातचीत कर सकती है, मेरा मानना है कि तुलनीय सुविधाएं और देखभाल की गुणवत्ता प्रदान करने वाले अस्पतालों को तुलनीय प्रतिपूर्ति दरें मिलनी चाहिए, भले ही वे निजी तौर पर हों या चर्च-प्रबंधित। हमारा लक्ष्य सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल को सुलभ बनाने के लिए सरकार के साथ काम करना है। &quot;  विपक्ष, जो अक्सर स्वास्थ्य सेवा योजना में खामियों को लेकर आवाज उठाता रहा है, इस बात पर भी अड़ा था कि सार्वजनिक धन से वित्त पोषित योजना पारदर्शी होनी चाहिए।  मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सी लालरोछारा ने ईस्टमोजो के साथ अपनी राय साझा करते हुए कहा,  &quot;एमयूएचसीएस को सार्वजनिक धन और लोगों के योगदान से वित्त पोषित किया जाता है। इसलिए, विभिन्न अस्पतालों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित करना, जैसे एक के लिए 5,000 रुपये और दूसरे के लिए 20,000 रुपये, लोकतंत्र में अस्वीकार्य है। पारदर्शिता सार्वजनिक कल्याण के लिए सबसे अच्छी दवा है।   &quot;दूसरा, निजी अस्पताल केवल व्यावसायिक उद्यम नहीं हैं। वे रोजगार भी प्रदान करते हैं। आइजोल में अच्छी तरह से सुसज्जित निजी अस्पतालों के लिए प्रतिपूर्ति दरों को अत्यधिक कम रखना जबकि सिनॉड अस्पताल को वास्तविक खर्चों के अनुसार प्रतिपूर्ति करने की अनुमति देना निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को कमजोर करता है। अंततः, इससे जनता के पास चुनने के लिए कम अस्पताल रह जाएंगे, &quot; उन्होंने कहा।  आपने अभी-अभी एक कहानी पढ़ी है जिसकी रिपोर्ट करने में कई दिन लग गए। पूर्वोत्तर में हमारे पत्रकारों को ज़मीन पर बनाए रखने में हमारी मदद करें।]]></content:encoded></item><item><title>वृंदावन के ‘प्रेम मंदिर’ की थीम पर सजा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल      </title><link>https://sanmarg.in/aparajita/bankura-bjp-leader-sunil-bansal-inaugrated-durga-puja-pandal</link><comments>https://sanmarg.in/aparajita/bankura-bjp-leader-sunil-bansal-inaugrated-durga-puja-pandal#comments</comments><guid isPermaLink="false">6d1674cd-1a9c-4afd-912b-b1b1bbf1e976</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:05:36 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:05:36.964Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Sanjay Singh</atom:name><atom:uri>/api/author/2600521</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="899" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/7i1jt85q/1000232380.jpg" width="1599"><media:title type="html"><![CDATA[ भाजपा महासचिव सुनील बंसल को सम्मानित करते सांसद सौमित्र खां]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/7i1jt85q/1000232380.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>अपराजिता</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>बांकुड़ा:</strong> औद्योगिक बेल्ट  मेजिया के दुर्लभपुर में इस बार शारदोत्सव के अवसर पर धर्म और कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विष्णुपुर से भाजपा सांसद सौमित्र खां के मार्गदर्शन में संचालित ‘गंगाजलघाटी दुर्लभपुर मिताली संघ’ की सार्वजनिक दुर्गा पूजा अपने 32वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस बार यहां मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध ‘प्रेम मंदिर’ की तर्ज पर निर्मित भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तृतीय तिथि की संध्या पर आयोजित एक भव्य समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने दीप प्रज्वलित कर पंडाल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री खुदीराम टुडू व दिवाकर घरामी समेत जिले के कई विधायक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।</p><p>‘<strong>बंगाल जैसी भव्य दुर्गा पूजा पूरे विश्व में नहीं’</strong></p><p> भाजपा महासचिव सुनील बंसल ने पंडाल की भव्यता और कारीगरी की सराहना करते हुए कहा, " तीन साल से बंगाल की दुर्गापूजा देख रहा हूं। इतना भव्य आयोजन देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कहीं और नहीं होता। " उन्होंने सांसद सौमित्र खां के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिस आत्मीयता से उन्होंने क्षेत्र के जन-जन को इस उत्सव से जोड़ा है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है।</p><p><strong>दूधिया रोशनी में अलौकिक छटा बिखेर रहा पंडाल</strong></p><p>बांकुड़ा के खातरा निवासी प्रख्यात मूर्तिकार एवं कलाकार चंदन राय के निर्देशन में इस पंडाल का निर्माण हुआ है। पंडाल की भीतरी और बाहरी सज्जा में भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की प्रेमलीला के प्रसंगों को बेहद जीवंतता के साथ उकेरा गया है। गोधूलि वेला के बाद जब बहुरंगी रोशनियां इस विशाल ढांचे पर पड़ती हैं, तो पूरा परिसर एक दिव्य एवं आध्यात्मिक आभा से जगमगा उठता है।</p><p><strong>32 वर्षों की गौरवशाली परंपरा और कार्यकर्ताओं</strong> <strong>का समर्पण</strong>                                             सांसद सौमित्र खां ने बताया कि 32 वर्ष पूर्व स्वर्गीय अमिय खां की प्रेरणा से इस औद्योगिक परिक्षेत्र में बड़े बजट की सार्वजनिक पूजा की नींव रखी गई थी। आज यह आयोजन संपूर्ण उत्तर बांकुड़ा के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है। उन्होंने इसका श्रेय समिति के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि सचिव कृपासिंधु खां, साधन मुखर्जी, जीटेन माजी, सजल चट्टराज, सब्यसाची खां, विश्वनाथ माजी, शांतनु खां और टुटुन गोस्वामी जैसे साथियों के अथक परिश्रम के बिना इतना विराट आयोजन संभव नहीं था।</p>]]></content:encoded></item><item><title>रोविसेनुओ हिबो को मिस कोहिमा 2026 का ताज पहनाया</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%93-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE-2026-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%93-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE-2026-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE#comments</comments><guid isPermaLink="false">4ed825dc-b75a-41cd-84a5-644ce40bad3b</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:05:08 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:05:08.586Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ रोविसेनुओ हिबो को मिस कोहिमा 2026 का ताज पहनाया]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="750" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/0qb5s6u1/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg" width="1000"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/0qb5s6u1/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>नागालैंड : </h2> जोत्सोमा के रीजनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स (आरसीईएमपीए) में आयोजित ग्रैंड फिनाले के दौरान कोहिमा साइंस कॉलेज, जोत्सोमा की छात्रा रोविसेनुओ हिबो मिस कोहिमा 2026 की विजेता बनकर उभरीं।  \&quot;बियॉन्ड द क्राउन \&quot; थीम वाले इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र की युवा महिलाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रदर्शित किया। हिबो को एक समारोह में मिस कोहिमा 2025, रित्साला थोंगर द्वारा ताज पहनाया गया, जिसमें अनुग्रह और उपलब्धि का जश्न मनाया गया। प्रथम उपविजेता का खिताब सुनेपजंगला किचू को मिला, जबकि थेजाज़ेनुओ अंगामी ने दूसरा उपविजेता स्थान हासिल किया; दोनों प्रतियोगियों ने सेंट जोसेफ कॉलेज (स्वायत्त), जाखामा का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया और इसका आयोजन 4फ्रंट इवेंट मैनेजमेंट द्वारा सैज़ोली कॉलेज, जोत्सोमा के सहयोग से किया गया था। शाम को गौरव प्रदान करते हुए, असम राइफल्स (उत्तर) के महानिरीक्षक मेजर जनरल हरिंदर सिंह मावी ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।]]></content:encoded></item><item><title>त्रिपुरा में ग्रामीणों तक बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं पहुंचाने के लिए ग्राम समृद्धि अभियान</title><link>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8</link><comments>https://sanmarg.in/india/%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8#comments</comments><guid isPermaLink="false">93be46eb-bcd4-4704-b7e9-cc57ef4d7db4</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:02:30 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T17:02:30.373Z</atom:updated><atom:author><atom:name>KD Parth</atom:name><atom:uri>/api/author/2586083</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ त्रिपुरा में ग्रामीणों तक बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं पहुंचाने के लिए ग्राम समृद्धि अभियान]]></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="606" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9btdq0uq/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8.jpg" width="904"><media:title type="html"></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9btdq0uq/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>देश/विदेश</category><category>भारत</category><category>राज्य</category><content:encoded><![CDATA[ <h2>सेपाहीजाला जिले के पूर्व नलचर ग्राम पंचायत में विशेष कार्यक्रम</h2><h2>नए बैंक खाते खोलने और किसानों को ऋण सहायता देने पर जोर</h2><h2>अगरतला :</h2> त्रिपुरा में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से त्रिपुरा ग्रामीण बैंक ने ग्राम समृद्धि अभियान के तहत अपनी पहुंच तेज कर दी है। इसी क्रम में बैंक ने सेपाहीजाला जिला प्रशासन और अग्रणी जिला प्रबंधक के सहयोग से पूर्व नलचर ग्राम पंचायत में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक आवश्यक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों का विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण सुनिश्चित करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था। कार्यक्रम में सेपाहीजाला के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सिद्धार्थ शिव जायसवाल, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट देवदास देबबर्मा, नलचर ग्रामीण विकास खंड के खंड विकास अधिकारी सुरंजित सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी अमन पोद्दार, अग्रणी जिला प्रबंधक सैकत नाग और त्रिपुरा ग्रामीण बैंक के दक्षिण क्षेत्रीय कार्यालय की क्षेत्रीय प्रबंधक पायल साहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वित्तीय समावेशन को गति देने पर जोरअभियान का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण आबादी के अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाना था। कार्यक्रम के दौरान नए बैंक खाते खोलने, खाताधारकों की पुनः केवाईसी (री-केवाईसी) प्रक्रिया पूरी करने और बैंक खातों को आधार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और बैंकिंग सेवाओं का नियमित उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। वित्तीय समावेशन की इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है, जो अब तक औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। इससे सरकारी सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। किसानों और ग्रामीण कारोबारियों को ऋण सहायताग्राम समृद्धि अभियान में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि, पशुपालन और अन्य सहायक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को वित्तीय सहयोग देने की पहल की गई। ग्रामीण परिवारों को संस्थागत ऋण सुविधाओं तक पहुंच मिलने से खेती, पशुपालन और छोटे व्यवसायों के संचालन में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही ग्रामीणों को बैंकिंग प्रक्रियाओं और विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें वित्तीय निर्णय लेने के लिए अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया गया। अभियान के तहत बैंक खाते खोलने, आधार जोड़ने और केवाईसी संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा कराने का उद्देश्य यह भी है कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जिला मजिस्ट्रेट ने बैंक के प्रयासों की सराहना कीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेपाहीजाला के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सिद्धार्थ शिव जायसवाल ने वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित और कम सुविधाएं प्राप्त करने वाले वर्गों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को इसी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रखने और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के दायरे में लाने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन तथा बैंक के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना गया। विशेष सेवा शिविरों में ग्रामीणों को मिली मददग्रामीणों को मौके पर ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए त्रिपुरा ग्रामीण बैंक की ओर से अलग-अलग सेवा काउंटर लगाए गए। इन काउंटरों के माध्यम से स्थानीय लोगों को विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी गई और योजनाओं से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता प्रदान की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने इन सेवा काउंटरों में भाग लेकर बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाया। कई लोगों ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और वित्तीय समावेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया। इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को कम करने और लोगों को उनके नजदीक ही सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं। प्रशासन और बैंक के समन्वय से ग्रामीण विकास को बढ़ावाग्राम समृद्धि अभियान ने ग्रामीण विकास के लिए जिला प्रशासन और बैंकिंग क्षेत्र के बीच सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया। बैंकिंग सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और ऋण सुविधाओं को एक साथ ग्रामीण आबादी तक पहुंचाने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिल सकती है। त्रिपुरा ग्रामीण बैंक और जिला प्रशासन की इस पहल का व्यापक उद्देश्य वित्तीय सशक्तीकरण को बढ़ावा देना, पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कार्यक्रम के माध्यम से जुड़े लोगों को आगे भी बैंकिंग सेवाएं, ऋण सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ कितनी प्रभावी ढंग से मिलता है।]]></content:encoded></item><item><title>सोनामुखी पंचायत समिति पर भाजपा का कब्जा    </title><link>https://sanmarg.in/asansol/bankura-sonamukhi-panchayat-samiti-par-bjp-ka-kabja</link><comments>https://sanmarg.in/asansol/bankura-sonamukhi-panchayat-samiti-par-bjp-ka-kabja#comments</comments><guid isPermaLink="false">40923171-0688-4190-8f85-f0f62ccaa640</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 16:58:31 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T16:58:31.898Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Sanjay Singh</atom:name><atom:uri>/api/author/2600521</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="720" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/6wjetuzg/1000232435.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ मंत्री दिवाकर घरामी के साथ नव नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/6wjetuzg/1000232435.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आसनसोल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>बांकुड़ा:</strong>  दुर्गा पूजा से ठीक पहले बांकुड़ा में तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा राजनीतिक झटका लगा है। जिले में पहली बार किसी पंचायत समिति पर भाजपा ने अपना परचम लहराया है। तृणमूल द्वारा संचालित सोनामुखी पंचायत समिति की कमान अब पूरी तरह भाजपा के हाथों में आ गई है।</p><p>प्रशासनिक गतिरोध समाप्त होने के बाद आयोजित मतदान में भाजपा के कुंतल कोनार अध्यक्ष और ममता आंकुड़े उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और अबीर-गुलाल के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान राज्य मंत्री व स्थानीय विधायक दिवाकर घरामी के बीच उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने से पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंचायत समिति कार्यालय परिसर पर गंगाजल छिड़ककर प्रतीकात्मक 'शुद्धिकरण' किया और फिर भीतर प्रवेश किया।</p><p>गौरतलब है कि वर्ष 2023 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सोनामुखी की 28 सीटों में भाजपा को केवल 8 सीटें मिली थीं और बहुमत के दम पर तृणमूल ने बोर्ड बनाया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव के बाद उपजे राजनीतिक समीकरणों के चलते समिति के तत्कालीन अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया था। वहीं सोनामुखी ब्लॉक की कई पंचायतें लगातार भाजपा के खाते में जुड़ती गईं, लेकिन समिति के शीर्ष पद रिक्त रहने से महीनों तक प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ा रहा।</p><p>विष्णुपुर महकमा प्रशासन द्वारा तय चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज कर इस गतिरोध को खत्म किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष कुंतल कोनार ने कहा कि समिति अब पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन देगी। जनहित की योजनाओं को सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना ही नए बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बांकुड़ा में नवरात्र उत्सव की धूम        </title><link>https://sanmarg.in/asansol/bankura-navratra-utsav</link><comments>https://sanmarg.in/asansol/bankura-navratra-utsav#comments</comments><guid isPermaLink="false">3b015062-3645-47ea-bc8e-f13476ec441e</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 16:54:24 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T16:54:24.400Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Sanjay Singh</atom:name><atom:uri>/api/author/2600521</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="478" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9ofih100/1000232437.jpg" width="848"><media:title type="html"><![CDATA[ नवरात्र पर पूजा करती महिलाएं ]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/9ofih100/1000232437.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आसनसोल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>बांकुड़ा:</strong> गुजरात से सैकड़ों किलोमीटर दूर बांकुड़ा शहर में इस बार भी नवरात्रि का अनूठा रंग देखने को मिल रहा है। शहर के लालबाजार इलाके में आयोजित नवरात्र उत्सव के दौरान पूरा माहौल गुजरात के पारंपरिक उल्लास में रंगा नजर  आ रहा है। ‘श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रास, गरबा और डांडिया की थाप पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक झूमते दिखाई दिए।</p><p>इतिहास के पन्नों को पलटें तो वर्ष 1952 में लकड़ी के कारोबार के सिलसिले में गुजरात के कच्छ से कुछ परिवार बांकुड़ा आकर बसे थे। वर्तमान में जिले में लगभग 70 गुजराती परिवार निवास करते हैं। अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़े रखने के लिए ये परिवार प्रतिवर्ष लालबाजार में एकजुट होकर यह पर्व मनाते हैं। नवरात्रि के बाद विजयादशमी के दिन सभी मां दुर्गा के दर्शन के लिए निकलते हैं, जो सांस्कृतिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल पेश करता है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>दो दिवसीय ऑल वैली कैरम टूर्नामेंट का समापन </title><link>https://sanmarg.in/asansol/andal-dstps-all-valley-carrom-tournament</link><comments>https://sanmarg.in/asansol/andal-dstps-all-valley-carrom-tournament#comments</comments><guid isPermaLink="false">70fd7a62-87ae-492b-aaf2-49666e73a6f0</guid><pubDate>Wed, 14 Oct 2026 16:36:02 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-14T16:36:02.978Z</atom:updated><atom:author><atom:name>Sanjay Singh</atom:name><atom:uri>/api/author/2600521</atom:uri></atom:author><description></description><media:keywords></media:keywords><media:content height="1000" url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/189snx0p/1000232299.jpg" width="1500"><media:title type="html"><![CDATA[ ट्रॉफी के साथ खिलाड़ी]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://media.assettype.com/sanmarg/2026-10-14/189snx0p/1000232299.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>आसनसोल</category><content:encoded><![CDATA[ <p><strong>अंडाल:</strong> अंडाल स्थित डीवीसी की इकाई  दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन (DSTPS) में आयोजित दो दिवसीय 5वें ऑल वैली कैरम टूर्नामेंट (2026–27) का  भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में मेजबान DSTPS /DTPS की टीम ने शानदार खेल का मुजाहिरा पेश करते हुए पुरुष टीम चैंपियनशिप का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम कर लिया। वहीं MTPS की टीम उपविजेता रही।</p><p> इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में डीवीसी की विभिन्न परियोजनाओं—आरटीपीएस, केटीपीएस, बीटीपीएस, एमटीपीएस, पंचेत व कोलकाता के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन डीएसटीपीएस के मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान अनिल कुमार जैन ने किया था।</p><p>समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में मैथन के कार्यपालक निदेशक (सिविल) व सीएससी अध्यक्ष सुबीर साहा तथा डीएसटीपीएस के सीजीएम अनिल कुमार जैन समेत अन्य अधिकारियों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। अधिकारियों ने कहा कि यह टूर्नामेंट आगामी सीपीएसयू पावर कैरम टूर्नामेंट के लिए डीवीसी की मजबूत टीम तैयार करने में बेहद अहम साबित होगा।</p>]]></content:encoded></item></channel></rss>